RR कप्तान रियान पराग पर BCCI का एक्शन, ड्रेसिंग रूम में वेपिंग वीडियो वायरल होने पर लगा 25% मैच फीस का जुर्माना

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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दिल्ली। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर बृहस्पतिवार को मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। उन पर यह जुर्माना मुल्लांपुर में पंजाब किंग्स के खिलाफ आईपीएल मैच के दौरान कैमरे पर वेपिंग (ई-सिगरेट) करते पकड़े जाने के बाद खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में लगाया गया। मंगलवार रात रॉयल्स की पारी के दौरान पराग के इस काम की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई। 

मैदानी अंपायर तन्मय श्रीवास्तव और नितिन मेनन ने मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैच रेफरी अमित शर्मा को इस मामले की शिकायत नहीं की थी। उन्होंने ऐसा तब किया जब उन्होंने इसका वीडियो सबूत देखा। इसके बाद शर्मा ने आईपीएल के नियमों के अनुसार आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए पराग को दोषी पाया। लेवल एक के अपराधों के लिए मैच फीस में से 25 प्रतिशत की कटौती और एक डिमेरिट अंक का प्रावधान है। 

आईपीएल ने एक बयान में कहा, ''रियान ने अपराध और मैच रेफरी अमित शर्मा द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया है।'' बयान के अनुसार, ''आईपीएल की साख को बनाए रखने के लिए बीसीसीआई गलती करने वाली टीम, उसके अधिकारियों और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।'' 

जब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ संभावित कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ''जैसा कि बयान में साफ-साफ लिखा है हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि टीम के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।'' भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके तहत इनका उत्पादन, बिक्री और वितरण पूरी तरह से वर्जित है। 

कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की जेल और/या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। आईपीएल की आचार संहिता के नियम 2.21 में कहा गया है कि यह नियम उन सभी प्रकार के आचरणों को अपने दायरे में लाने के लिए बनाया गया है जिनसे खेल की छवि को नुकसान पहुंचता है और जिनका उल्लेख आचार संहिता में कहीं और (विशेष रूप से नियम 2.20 में) स्पष्ट रूप से नहीं किया गया है। 

उदाहरण के तौर पर नियम 2.21 (अपराध की गंभीरता और संदर्भ के आधार पर) निम्नलिखित कार्यों पर प्रतिबंध लगा सकता है (हालांकि यह सूची यहीं तक सीमित नहीं है): (ए) सार्वजनिक रूप से किया गया दुर्व्यवहार; (बी) सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासनहीन व्यवहार और (सी) ऐसी अनुचित टिप्पणियां जो खेल के हितों के लिए हानिकारक हों। 

अपराध की गंभीरता का आकलन करते समय उस विशेष स्थिति के संदर्भ पर विचार किया जाएगा और साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या वह कार्य जानबूझकर, लापरवाही से, असावधानी से, टाला जा सकने वाला था, और/या वह एक आकस्मिक घटना थी। इसके अलावा मामले की शिकायत करने वाला व्यक्ति यह तय करेगा कि वह हरकत गंभीरता के किस दायरे में आती है (गंभीरता का यह दायरा छोटी-मोटी हरकतों (यानी लेवल 1 का अपराध) से लेकर बेहद गंभीर हरकतों (यानी लेवल चार का अपराध) तक फैला हुआ है)। 

पराग का अपराध लेवल एक का अपराध था इसलिए किसी सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। पराग को पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के सीधे प्रसारण के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते हुए (जिसे वेपिंग भी कहते हैं) देखा गया। रॉयल्स ने यह मैच जीतकर टूर्नामेंट में पंजाब किंग्स के लगातार जीत के सिलसिले को तोड़ दिया। इस सत्र में रॉयल्स के साथ जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। 

इसी महीने की शुरुआत में टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर डगआउट में फोन इस्तेमाल करते पाए जाने पर पीएमओए नियम तोड़ने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। आईपीएल और बीसीसीआई के जिन अधिकारियों पर आईपीएल के संचालन की ज़िम्मेदारी है उन्होंने सोशल मीडिया और हर चीज पर नजर रखने वाले टीवी कैमरों के इस जमाने में इसे एक लापरवाही भरा काम बताया। रॉयल्स की टीम अब शुक्रवार की रात अपने घरेलू मैदान पर दिल्ली कैपिटल्स की मेजबानी करेगी। 

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