Bareilly : मृत गोवंश के निस्तारण में लापरवाही पर प्रधान के अधिकारी निलंबित
एडीएम सिटी को सौंपी जांच, मधुनगला की गौशाला के बाहर नदी किनारे मिले थे 17 मृत गोवंश
बरेली, अमृत विचार। भदपुरा ब्लाक की ग्राम पंचायत मधुनगला में गोवंश आश्रय स्थल के संचालन में घोर लापरवाही, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और सरकारी कार्य में सहयोग न करने के आरोप में डीएम अविनाश सिंह ने ग्राम प्रधान अनमोल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार निलंबित कर दिए। अब एडीएम सिटी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो मामले की अंतिम जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। मामले में तत्कालीन सचिव संगीता देवी के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही प्रचलित है। पशु चिकित्साधिकारी को भी प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है।
13 अगस्त 2025 को एडीएम नवाबगंज ने टीम के साथ गोशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान गोशाला के बाहर नदी किनारे 17 मृत गोवंश मिले थे, जिनका नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया था। प्रशासन ने स्वयं जेसीबी मशीन मंगाकर गोवंश के शवों का निस्तारण कराया था। इसके बाद 30 अगस्त को जिलाधिकारी के आदेश पर एडीएम प्रशासन को प्रारंभिक जांच के लिए नामित किया गया। उनकी जांच में भी सामने आया कि गोशाला में ठीक से सफाई नहीं हो रही थी। वहां गोबर, कीचड़ और जलभराव की स्थिति थी। पशु चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर 418 गोवंश संरक्षित थे, जबकि गौआश्रय पोर्टल पर केवल 350 गरेवंश ही पंजीकृत पाए गए थे। इसके अतिरिक्त, गोशाला में चारे, भूसे और उपचार से संबंधित लॉगबुक और चिकित्सा पंजिकाएं भी सही ढंग से नहीं भरी जा रही थीं। एडीएम प्रशासन ने 6 मार्च को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें ग्राम प्रधान और सचिव को जांच में सहयोग न करने और पदीय दायित्वों में विफल रहने का दोषी पाया गया। इधर, प्रधान ने अपने स्पष्टीकरण में इन आरोपों को चुनावी रंजिश बताते हुए निराधार बताया और तर्क दिया कि नदी किनारे मृत गोवंश किसी प्रतिद्वंदी ने डाले थे। हालांकि, डीएम ने इस दलील को साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया था। अब एडीएम सिटी को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर अंतिम जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
