जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सुलझाएंगे कपूर फैमिली विवाद, SC बोला, 'इसे मनोरंजन का स्रोत न बनाएं'
दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर के बीच पारिवारिक ट्रस्ट को लेकर जारी विवाद में पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को बृहस्पतिवार को मध्यस्थ नियुक्त किया। न्यायालय ने पक्षों से खुले दिमाग से मध्यस्थता की कार्यवाही में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि वे सार्वजनिक रूप से कोई बयान न दें और विवाद के बारे में सोशल मीडिया पर कुछ नहीं कहें।
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइंया की पीठ ने कहा, ''यह एक पारिवारिक विवाद है। इसे केवल परिवार के सदस्यों तक ही सीमित रहने दें। इसे मनोरंजन का स्रोत नहीं बनाया जाना चाहिए।'' पीठ ने टिप्पणी की कि परिवार के सदस्यों के बीच विवाद की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, उसने 27 अप्रैल को सुझाव दिया था कि पक्षों को मध्यस्थता का सहारा लेने पर विचार करना चाहिए।
पीठ ने कहा, '' आज संबंधित पक्षों की ओर से पेश सभी वकीलों ने मध्यस्थता के लिए सहर्ष सहमति व्यक्त की है। इसे देखते हुए हम भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त करते हैं।'' पीठ ने यह भी कहा, '' हम मध्यस्थ से प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने की प्रतीक्षा करेंगे और उसके बाद मामले में आगे की कार्यवाही करेंगे। मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होगी।
शीर्ष अदालत ने 27 अप्रैल को, संजय कपूर की मां द्वारा दायर उस मामले में प्रिया कपूर और अन्य से जवाब मांगा था जिसमें पारिवारिक ट्रस्ट को "अमान्य" घोषित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। पीठ ने 80 वर्षीय रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर प्रिया कपूर और अन्य को नोटिस जारी किया था।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर गठित ट्रस्ट "जाली, मनगढ़ंत और धोखाधड़ी वाले" दस्तावेजों का परिणाम था। संपत्ति और परिसंपत्तियों पर नियंत्रण को लेकर कानूनी कार्यवाही दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है और शीर्ष अदालत में दायर याचिका में ट्रस्ट की सभी संपत्तियों के हस्तांतरण पर यथास्थिति बनाए रखने का अनुरोध किया गया था।
