Moradabaad : हर दिन मौसम के बदलते रंग से लोग दंग
गुरुवार की शाम तेज आंधी व बूंदाबांदी के बाद शुक्रवार को निकली चटख धूप
मुरादाबाद, अमृत विचार। मौसम के बदलते रंग से लोग दंग हैं। कभी तेज आंधी व बारिश तो अगले ही दिन चटख धूप निकल रही है। तापमान का असंतुलन लोगों को प्रभावित कर रहा है। खासकर बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं।
गुरुवार की शाम को आई तेज आंधी व इसके बाद बूंदाबांदी से लोगों को गर्मी और लू से फौरी राहत मिली थी। लेकिन शुक्रवार की सुबह से ही फिर चटख धूप निकल गया। दोपहर में धूप असहनीय थी। हालांकि तापमान पिछले दिनों की तुलना में कम रहा लेकिन आंधी व बूंदाबांदी का असर अगले ही दिन खत्म हो गया। इससे एक बार फिर तापमान बढ़ने और लू चलने की संभावना मौसम विभाग की ओर से जताई जा रही है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.5 और न्यूनतम 25.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तो इस सप्ताह के शुरू में 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तापमान कम होने से उमस कम रही। शनिवार को भी मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है। लेकिन तीन से पांच मई तक फिर बादल छाए रहने और बूंदाबांदी व हल्की बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है।
दो से सात मई तक का अनुमानित तापमान
तारीख अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
दो मई 34 डिग्री सेल्सियस 25 डिग्री सेल्सियस
तीन मई 35 डिग्री सेल्सियस 26 डिग्री सेल्सियस
चार मई 34 डिग्री सेल्सियस 25 डिग्री सेल्सियस
पांच मई 34 डिग्री सेल्सियस 24 डिग्री सेल्सियस
छह मई 35 डिग्री सेल्सियस 24 डिग्री सेल्सियस
सात मई 36 डिग्री सेल्सियस 25 डिग्री सेल्सियस
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लोगों को सतर्कता बरतने की दे रहा सलाह
गर्मी और लू के चलते बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन ने जारी एडवाइजरी के प्रभावी रुप से पालन पर जोर दिया है। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने जन सामान्य के अलावा गोवंश की भी सुरक्षा सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। गोशालाओं में गोवंश को भीषण गर्मी से बचाने के लिए उपाय करने के लिए कहा गया है।
यह हैं हीट स्ट्रोक के लक्षण
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि हीट स्ट्रोक, हीट रैश, हीट क्रैम्प के लक्षण कमजोरी, चक्कर आना, सरदर्द, उबकाई, पसीना आना, मूर्छा आदि हैं। इसे पहचानें और इस प्रकार के लक्षण की स्थिति में तत्काल नजदीकी अस्पताल में सम्पर्क करें। यदि मूर्छा या बीमारी अनुभव करते हैं तो तुरन्त चिकित्सीय सलाह लें।
बचाव के लिए यह करें उपाय
:: अधिक से अधिक पानी पियें
:: हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले वस्त्र पहनें
:: धूप के चश्मे, छाता, टोपी, व चप्पल का प्रयोग करें
:: अगर आप खुले में कार्य करते है तो सिर, चेहरा, हाथ पैरो को गीले कपड़े से ढके रहे तथा छाते का प्रयोग करें।
:: यात्रा करते समय पीने का पानी अपने साथ ले जाएं
:: ओआरएस, घर में बने हुये पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड), नीबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें, जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके
