वाराणसी में शांति का महासंगम, सारनाथ में 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बुद्ध धातु दर्शन
- 2570वीं जयंती पर आयोजित हुआ बौद्ध महोत्सव, बच्चों की प्रतियोगिताएं, धम्म देशना और विपश्यना से गूंजा शांति का संदेश
लखनऊ, अमृत विचार : बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सारनाथ में आयोजित ‘बौद्ध महोत्सव’ श्रद्धा, संस्कृति और ज्ञान का विराट संगम बन गया। भगवान गौतम बुद्ध की 2570वीं जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बुद्ध के पवित्र अस्थि धातु के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
यह आयोजन इंटरनेशनल बौद्धिस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, महाबोधी सोसाइटी ऑफ इंडिया तथा इंडो-श्रीलंका जम्बू द्वीप बुद्ध विहार, सारनाथ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, भिक्षुओं और बुद्ध अनुयायियों की भागीदारी रही।
मूलगंध कुटी विहार में पवित्र अवशेषों के दर्शन के उपरांत “विश्व शांति के लिए तथागत बुद्ध” विषय पर निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सभी 200 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर धम्म देशना, विपश्यना और विचार गोष्ठियों का आयोजन किया गया, जिसमें सेवा, करुणा और सहअस्तित्व की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
इस अवसर पर महाबोधि सोसाइटी के भिक्षु सुमित्थानंद, भिक्षु शीलवंश, डॉ. के. सिरी सुमेध थेरो, डॉ. राकेश सिंह सहित कई विद्वानों और गणमान्य व्यक्तियों ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए बुद्ध के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
