Moradabad:स्मार्ट मीटर को लेकर फैली अफवाहें निराधार, विभाग ने बताया कि रीडिंग में नहीं है अंतर
मुरादाबाद, अमृत विचार। स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच चल रही आशंकाओं और खबरों पर विराम लगाते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर के तेज चलने की बात पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं।
मुख्य अभियंता (वितरण), पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बताया कि मुरादाबाद, सम्भल और रामपुर जनपदों में कुल 3,42,773 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इनके साथ ही तुलनात्मक परीक्षण के लिए 12,382 पुराने चेक मीटर भी लगाए गए हैं। मुख्य अभियंता विद्युत वितरण खंड अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि विभाग द्वारा किए गए परीक्षण में यह पाया गया कि स्मार्ट मीटर और पुराने मीटरों की रीडिंग लगभग समान है। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्मार्ट मीटर की सटीकता पर संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है।
स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को कई प्रकार के लाभ मिल रहे हैं। उपभोक्ता अब घर बैठे अपने मीटर की रीडिंग देख सकते हैं और स्वयं ही बिल का भुगतान कर सकते हैं। इससे बिल बनाने में आने वाली समस्याओं से भी राहत मिल रही है। इसके अलावा, उपभोक्ता अपनी दैनिक बिजली खपत पर नजर रखकर अपने बजट को नियंत्रित कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक और पारदर्शी रीडिंग व्यवस्था के चलते अब मीटर रीडर के आने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना भी समाप्त हो जाती है।
प्री-पेड प्रणाली के तहत रिचार्ज सफल होने और बैलेंस पॉजिटिव होने के बाद सामान्यतः दो घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति स्वतः चालू हो जाती है, जिसके लिए किसी कर्मचारी को बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती।एन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्मार्ट मीटर से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठाएं।
