Ambedkar Nagar News : 4 बच्चों की हत्या के मामले में नया मोड़, मां का नाले में मिला शव, जांच जारी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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अयोध्या/आंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के आंबेडकरनगर जिले में चार बच्चों की हत्या के मामले में कथित तौर पर आरोपी मानी जा रही बच्चों की मां का शव रविवार शाम एक नाले से बरामद किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्राची सिंह ने बताया, "महिला की तलाश कर रही पुलिस टीम को उसका शव नाले में मिला।" सिंह ने बताया कि पति ने महिला की पहचान की पुष्टि कर दी है। 

उन्होंने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उसकी मौत कैसे हुई। अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के तहत महिला के घर वालों से बातचीत की और यह भी आकलन किया गया कि इसमें किसी अन्य की कोई संलिप्तता तो नहीं है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। इससे पहले शनिवार को अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद मोहल्ले में कथित तौर पर एक ही परिवार के चार नाबालिग बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब तीन बजे चार मंजिला मकान में चार बच्चों के खून से लथपथ शव मिले थे और घटना के बाद से बच्चों की मां लापता थी। 

पुलिस ने बताया कि अज्ञात परिस्थितियों में बच्चों की ईंट से कुचलकर हत्या की गई तथा गले पर धारदार हथियार से वार के निशान भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार मृत भाई-बहनों की पहचान शफीक, सऊद, उमर, और सादिया के रूप में हुई है। ये सभी नियाज (42) और नाज़िया खातून (37) के बच्चे थे। नाजिया बच्चों के साथ मीरानपुर में रहती थी, जबकि नियाज़ कई साल से सऊदी अरब में काम कर रहा है। 

अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सोमेन बर्मा ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे सूचना मिली कि घर में चार बच्चों के शव हैं जिसके बाद पुलिस मौके पहुंची। उन्होंने कहा कि सुबह से घर बंद होने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी थी। पुलिस का कहना है कि बच्चों की मां नाज़िया घटना के बाद से लापता है। उसने कहा कि अपहरण या अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। 

पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्राची सिंह ने बताया कि मृतकों में 14, 12 और 10 साल के तीन लड़के और आठ साल की एक लड़की शामिल है। रविवार को महरुआ के कसदा गांव में माहौल बेहद गमगीन रहा। दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद जब चारों मासूम बच्चों के शव गांव लाये गये तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। 

परिजन गहरे शोक में थे और पूरा गांव मातम में डूब गया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफनाया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (आठ) को पास ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। चारों शवयात्राओं को एक साथ जाते देख हर कोई स्तब्ध रह गया।  

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