CEOs की सैलरी 20 गुना ज्यादा तेजी से बढ़ी! एक आम कर्मचारी को इतना कमाने में लगेंगे 5 जन्म, देखें चौकाने वाली रिपोर्ट
लखनऊः क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप अपनी सैलरी में 2-4 परसेंट की बढ़ोतरी के लिए साल भर पसीना बहाते हैं, तो आपकी कंपनी के मालिक की तिजोरी कितनी रफ्तार से भरती है?
ऑक्सफैम इंटरनेशनल और इंटरनेशनल ट्रेड यूनियन कॉन्फेडरेशन (ITUC) की एक ताजा ग्लोबल रिपोर्ट ने दुनिया को हिला कर रख दिया है। साल 2025 के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया के टॉप CEOs की दौलत जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसके सामने एक आम कर्मचारी की मेहनत का मोल कौड़ियों के बराबर रह गया है।
अंकों का खेल समझिए
साल 2025 में ग्लोबल लेवल पर CEOs की सैलरी में महंगाई को एडजस्ट करने के बाद भी 11% का उछाल आया है। वहीं दूसरी ओर, हम और आप जैसे सामान्य कर्मचारियों के वास्तविक वेतन में सिर्फ 0.5% की मामूली बढ़ोतरी हुई है।
दुनिया की 1500 बड़ी कंपनियों के विश्लेषण में पता चला है कि एक CEO की औसत सैलरी अब 70 करोड़ रुपये (8.4 मिलियन डॉलर) सालाना तक पहुंच गई है। जबकि आम मजदूर बढ़ती महंगाई और कम मजदूरी के दोहरे बोझ तले दबा जा रहा है।
रिपोर्ट की सबसे दर्दनाक बात यह है कि 2019 से 2025 के बीच महंगाई ने कर्मचारियों की कमर तोड़ दी है। उनका वास्तविक वेतन 12% घट गया है। इसका मतलब ये है कि एक औसत कर्मचारी ने इस दौरान मानो 108 दिनों तक बिना किसी वेतन के काम किया हो। इसके विपरीत, इन्हीं 6 सालों में CEOs का मुआवजा 54% बढ़ा है।
अमेरिका में सबसे बड़ी खाई
आर्थिक असमानता की यह खाई सबसे ज्यादा अमेरिका में चौड़ी हुई है। यहां S&P 500 कंपनियों के CEOs की सैलरी 25% से ज्यादा बढ़ी, जबकि कर्मचारियों की मजदूरी सिर्फ 1% के आसपास रेंग रही है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब दुनिया भर की सरकारों से मांग की जा रही है कि वे अमीरों पर 'फेयर टैक्स' लगाएं और CEOs की सैलरी की एक सीमा तय करें। क्योंकि अगर यह अंतर इसी तरह बढ़ता रहा, तो आर्थिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है।
आप इस खबर पर क्या सोचते हैं? क्या आपकी कंपनी में भी ऐसा ही है? हमें कमेंट में जरूर बताएं।
