भारतीय पत्रकारों ने जीता पुलित्जर पुरस्कार, 'डिजिटल अरेस्ट' की सच्चाई उजागर करने पर मिला सम्मान

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Published By Anjali Singh
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न्यूयॉर्क। भारतीय पत्रकार आनंद आर के और सुपर्णा शर्मा को डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी पर उनके काम के लिये प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सोमवार को घोषित इस पुरस्कार में आनंद और शर्मा को 'इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग एंड कमेंट्री' श्रेणी में यह सम्मान मिला। इस पुरस्कार को उन्होंने ब्लूमबर्ग की नताली ओबिको पियर्सन के साथ साझा किया।

पुलित्जर पुरस्कार की वेबसाइट के अनुसार, 'ट्रैप्ड' शीर्षक से ब्लूमबर्ग के लिए तैयार की गई यह खबर भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी बयां करती है, जिन्हें जालसाजों ने 'डिजिटल अरेस्ट' किया था।

तस्वीरों और शब्दों के अनूठे संगम से तैयार इस खबर ने डिजिटल निगरानी और साइबर ठगी के बढ़ते वैश्विक खतरे को बेहद प्रभावशाली तरीके से उजागर किया। कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पुलित्जर पुरस्कार पत्रकारिता, साहित्य और संगीत रचना के क्षेत्र में दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में गिना जाता है। 

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