लखीमपुर खीरी: नन्हीं मानवी की पुकार पर पहुंचे डीएम, सड़क दुरुस्त करने के निर्देश
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। सोशल मीडिया पर कक्षा एक की नन्हीं छात्रा मानवी सिंह की पुकार पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर पहुंचे। शहर से सटे सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर डीएम ने न केवल जमीनी स्थिति का गहन आंकलन किया, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को सड़क दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
सलेमपुर कोन के राजकीय पालीटेक्निक स्कूल के पास से गये मार्ग में जलभराव रहता है। इसी मार्ग मे सामुदायिक शौचालय, आयुष्मान सेंटर. आंबेडकर पार्क. पानी की टंकी बनी हुई है। यह मार्ग बहुत ही जर्जर है, जिसके चलते राहगीरों, स्कूली बच्चों को आने जाने मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गांव की कक्षा एक की छात्रा मानवी सिंह सड़क निर्माण के लिए डीएम से भावुक अपील की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बच्ची कह रही है, हेलो डीएम अंकल, आप बहुत अच्छे हैं, मेरी सड़क बनवा दो।
इसके बाद डीएम मौके पर पहुंच जाते हैं और बच्ची की उंगली पकड़कर सड़क का निरीक्षण करने के साथ अधिकारियों को एस्टीमेट बनाने का निर्देश देते हैं। डीएम ने गांव की खड़ंजे वाली सड़क पर पैदल चलते हुए मानवी के घर तक पहुंचकर हालात देखे। इस दौरान उन्होंने बच्ची और उसके पिता से आत्मीय बातचीत की। मानवी की परेशानी सुनकर डीएम का संवेदनशील पक्ष सामने आया और उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को खड़ंजा मार्ग की मरम्मत के निर्देश दे दिए।
निरीक्षण में सामने आया कि रास्ते पर खड़ंजा तो है, लेकिन बारिश के कारण वह कई जगह पर ऊंचा नीचे हो गया है और जलभराव ने समस्या को और बढ़ा दिया है। डीएम ने साफ कहा कि लोगों को अब इस परेशानी से जल्द राहत दिलाई जाएगी। मौके पर ही डीएम ने क्षेत्र में अनियोजित प्लॉटिंग पर भी सख्त रूख दिखाया। उन्होंने कहा कि बिना लेआउट पास कराए और नियमानुसार अनुमति लिए बिना प्लॉटिंग करना भविष्य की समस्याओं को जन्म देता है। इस तरह की गतिविधियों को नियमानुसार लाया जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी।
प्लॉट खरीद से पहले सुविधाएं जांचें : डीएम
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने आमजन से अपील की है, जब भी लोग प्लॉट या भूमि की खरीद करें, तो केवल कीमत या स्थान देखकर निर्णय न लें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि वहां सड़क, नाली, पार्क, बिजली, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि कई बार बिना नियोजित विकास के किए गए प्लॉटिंग क्षेत्रों में बाद में लोगों को आवागमन, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
