India-Vietnam Relations: वियतनाम के राष्ट्रपति का दिल्ली में भव्य स्वागत, पीएम मोदी के साथ रक्षा और व्यापार पर होगी अहम चर्चा, व्यापार बढ़ाने पर जोर

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर मंगलवार को नयी दिल्ली पहुंचे। वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव रहे लैम का आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने उनका अभिनंदन किया। उनकी तीन दिवसीय यह यात्रा एक महत्वपूर्ण अवसर पर हो रही है, क्योंकि दोनों देश अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे कर रहे हैं। 

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उम्मीद है कि इससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलेगी और रक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार होगा। राष्ट्रपति श्री लैम ने राजधानी आने से पहले दिन में बाद में गया का दौरा किया था। उनके साथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और एक मजबूत व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल है, जो भारत और वियतनाम के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। 

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उनका छह मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया। वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक वार्ता करेंगे। वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव लैम भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों में नयी ऊर्जा भरना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नये रास्तों को तलाशना है। 

इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की और अन्य वरिष्ठ भारतीय नेताओं के भी उनसे मिलने की उम्मीद है। भारत और वियतनाम के बीच दीर्घकालिक ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जिनकी जड़ें साझा उपनिवेशवाद-विरोधी संघर्षों में निहित हैं और 1972 से दशकों के राजनयिक जुड़ाव के माध्यम से मजबूत हुए हैं। 

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प्रधानमंत्री मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान 2016 में इस संबंध को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था और यह 2020 के शांति, समृद्धि और जन के लिए संयुक्त दृष्टिकोण द्वारा निर्देशित है। वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में एक प्रमुख भागीदार है और वर्तमान में भारत का 15वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और आसियान में चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। 

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पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार हुआ है। 2025-2026 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 16 अरब अमेरिकी डॉलर (1,524.8 अरब रुपये) रहा है, जिसमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। नियमित विचार-विमर्श, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी गहरा हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री लैम को वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत और वियतनाम के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरी यह दोस्ती लगातार और अधिक मजबूत होती रहेगी। मोदी ने यह भी कहा कि वह दोनों देशों और इस क्षेत्र के लोगों की प्रगति एवं समृद्धि के लिए 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को और गहरा करने की दिशा में मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हैं।

डोभाल ने वियतनाम के राष्ट्रपति से मुलाकात की, सामरिक साझेदारी पर हुई बात 

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को यहां वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से मुलाकात की।  तो लाम तीन दिन की यात्रा पर भारत आए हैं। उनका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि डोभाल ने शाम को वियतनाम के राष्ट्रपति से मुलाकात की। उन्होंने कहा, "एनएसए अजीत डोभाल ने वियतनाम के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम से मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच बहुआयामी व्यापक सामरिक साझेदारी को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। ,"तो लाम ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक और अगले दो दिनों में निर्धारित कार्यक्रमों को लेकर उत्सुकता व्यक्त की।

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