UP: शराब के नशे में मिले पीटीआर के डिप्टी रेंजर पर गिरी गाज, निलंबित
पीलीभीत, अमृत विचार। बराही रेंज में तैनात एक डिप्टी रेंजर को अनुशासनहीनता और ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। फील्ड डायरेक्टर ने यह कार्रवाई डिप्टी डायरेक्टर की जांच रिपोर्ट और चिकित्सा परीक्षण की पुष्टि के बाद की है। इस कार्रवाई से विभाग में खलबली मची रही।
मामला पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से जुड़ा है। बराही रेंज के प्रभारी क्षेत्रीय वनाधिकारी/प्रशिक्षण आईएफएस हिमांशु बावल ने बीते 16 मार्च को रेंज के डिप्टी रेंजर वशिष्ठ कुमार को ड्यूटी के लिए बुलाया था। आरोप है कि उस वक्त वशिष्ठ कुमार शराब के नशे में धुत पाए गए। इस पर प्रभारी प्रभारी क्षेत्रीय वनाधिकारी ने डिप्टी रेंजर का मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए। इस पर डिप्टी रेंजर को तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधोटांडा भेजा गया।
इसके बाद बीते 18 मार्च को प्रभारी क्षेत्रीय वनाधिकारी द्वारा डिप्टी रेंजर की मेडकिल रिपोर्ट डिप्टी डायरेक्टर को भेज दी गई, जिसमें शराब के सेवन की पुष्टि हुई। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने डिप्टी रेंजर को को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। इधर, निर्धारित अवधि के भीतर डिप्टी रेंजर वशिष्ठ कुमार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इससे पूर्व भी प्रभारी क्षेत्रीय वनाधिकारी द्वारा उच्चाधिकारियों को डिप्टी रेंजर द्वारा कार्यालय समय में शराब का सेवन करने संबंधी शिकायत की जा चुकी है।
इधर, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड डायरेक्टर पीपी सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बराही रेंज के डिप्टी डायरेक्टर वशिष्ठ कुमार को ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करने, राजकीय कार्यों में रुचि न लेने, संबंधित क्षेत्र में एम स्ट्राइप गश्त न करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें वृत्त कार्यालय पीटीआर से संबद्ध किया गया है। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने डिप्टी रेंजर के निलंबन की पुष्टि की है।
पीटीआर के साइन बोर्ड पर अधूरी अस्पष्ट जानकारी, भ्रमित हो रहे पर्यटक
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल की अगुवाई में व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से मिला और ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रमुख राजमार्गों पर लगे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साइन बोर्ड पर अधूरी और अस्पष्ट जानकारियों को सुधारने का अनुरोध किया है।
व्यापारियों का कहना है कि विभिन्न राजमार्गों पर लगे साइन बोर्ड पर केवल मुस्तफाबाद गेट की दूरी और दिशा पीलीभीत टाइगर रिजर्व के नाम से अंकित है। महोफ गेट जो कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व का मुख्यालय गेट है, उसकी जानकारी न होने के कारण बाहर से आने वाले राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भ्रमित हो सीधे पूरनपुर स्थित मुस्तफाबाद गेट की ओर चले जाते हैं। इस अस्पष्टता का सीधा असर मुख्यालय के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। मुख्यालय क्षेत्र का विकास बाधित हो रहा है और स्थानीय व्यापारियों व व्यवसायियों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। डीएम से मांग की गई कि संबंधित विभाग को निर्देशित कर सभी प्रमुख राजमार्गों और प्रवेश मार्गों पर लगे साइन बोर्ड में आवश्यक संशोधन कराया जाए। बोर्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए कि कौन सा गेट किस दिशा में और कितनी दूरी पर है, ताकि पर्यटकों को कोई भ्रम न रहे। इस अवसर पर अतुल अग्रवाल, रजत अग्रवाल, प्रियांश अग्रवाल, शिवेश अग्रवाल, दीप अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
