मानव तस्करी: दरभंगा से पंजाब ले जाए जा रहे 10 नाबालिगों को किया रेस्क्यू
बरेली, अमृत विचार। बिहार के दरभंगा से पंजाब ले जाए जा रहे 10 किशोरों को मानव तस्करी की सूचना पर जीआरपी व काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान की टीम ने जन नायक एक्सप्रेस से रेस्क्यू किया। जबकि किशोरों को लेकर जाने वाला आरोपी फरार हो गया। जीआरपी उसकी तलाश में जुटी है।
दरअसल, बुधवार को जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन दिल्ली को एक अज्ञात नंबर से सूचना मिली कि जन नायक एक्सप्रेस ट्रेन में दो दर्जन बच्चों को मानव तस्करी के लिए लेकर जाया जा रहा है। इस पर जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन दिल्ली में बदायूं की स्थानीय संस्था काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान को अलर्ट किया गया। जानकारी मिलते ही संस्था की सचिव मीना सिंह ने जीआरपी को सूचना देकर अपनी टीम के साथ बरेली जंक्शन पहुंचीं। जहां ट्रेन में सर्च अभियान चलाया गया और बच्चों को सुरक्षित निकाला गया।
हालांकि, रेस्क्यू के बाद बच्चों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने में संस्था के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर शाम तक वे बच्चों के साथ इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन उन्हें तत्काल कोई संस्थागत सहयोग नहीं मिल सका। संस्था ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग चाइल्ड लाइन और डीपीओ से बात करने के बाद भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इस कारण वह बच्चों के साथ देर शाम तक इधर-उधर मेडिकल कराने के बाद भटकती रहीं। जीआरपी थाना प्रभारी एसके वर्मा ने बताया कि संस्था के माध्यम से बच्चों के विषय में जानकारी मिली थी। ट्रेन में सर्च अभियान चला कर बच्चों को बरामद कर लिया गया। बच्चों को लेकर जा रहे युवक की तलाश की जा रही है।
संस्था ने अपेक्षित सहयोग न मिलने का लगाया आरोप
काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान बदायूं की सचिव मीना सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर जीआरपी थाने में सूचना देकर वह टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। जहां पर जीआरपी ने सर्च अभियान चलाकर बच्चों को बरामद कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई, उसके बाद उसने एक बीमार महिला कर्मी को भेज दिया। जिससे कोई मदद नहीं मिल पाई। इतना ही नहीं डीपीओ कार्यालय से भी उन्हें को सहयोग नहीं मिला। जिसके कारण रेस्क्यू के बाद बच्चों के पुनर्वास के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
