ईरान-अमेरिका युद्ध:सूखे मेवों के दाम में उछाल, बादाम, काजू, किशमिश महंगी

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। बाजार में सूखे मेवों की कीमतों में इन दिनों तेज उछाल देखने को मिल रहा है। आयात और फसल प्रभावित होने के चलते पिस्ता, काजू, बादाम, अंजीर और किशमिश के दामों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे ग्राहकों की जेब पर असर पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार, ईरान से पिस्ते की खेप गुजरात पोर्ट तक नहीं पहुंच पा रही है, जिसके चलते अब आपूर्ति अफगानिस्तान से हो रही है। सप्लाई प्रभावित होने के कारण पिस्ता करीब 800 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है।

एक माह पहले 1400 रुपये प्रति किलो बिकने वाला पिस्ता अब करीब 2000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह तंजानिया से आने वाले काजू बीज की फसल प्रभावित होने से काजू के दाम 750 रुपये से बढ़कर 900 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। अंजीर की कीमत भी 750 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये प्रति किलो हो गई है। बादाम 600 रुपये से बढ़कर 820 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि छुआरा 150 रुपये से बढ़कर 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

महाराष्ट्र के नासिक और सांगली क्षेत्रों में किशमिश की फसल कम होने के कारण इसके दाम भी दोगुने हो गए हैं। पहले 210 रुपये प्रति किलो मिलने वाली किशमिश अब 425 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। सूखे मेवों के बढ़ते दामों पर विक्रेता अमित रस्तोगी ने बताया कि विदेशों से आपूर्ति प्रभावित होने और स्थानीय फसल कमजोर रहने के कारण बाजार में माल कम आ रहा है, जिससे कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, गोपाल गुप्ता का कहना है कि आने वाले समय में मांग बढ़ने पर दाम और बढ़ सकते हैं। फिलहाल ग्राहकों की खरीदारी पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

सहालग ने बढ़ाई मांग, कीमतों पर असर
शादी-विवाह के सीजन के चलते भी सूखे मेवों की मांग में तेजी आई है। मिठाई, गिफ्ट पैक और घरेलू उपयोग में बढ़ती खपत के चलते बाजार में खपत बढ़ी है, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि सहालग के चलते मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन बढ़ा है, जिससे दामों में और उछाल देखने को मिल रहा है।

 

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