बाराबंकी : पहली बार मां बनी विवाहिता की मौत, सीएचसी पर गंभीर आरोप, जानिए क्या बोले अधीक्षक

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Published By Deepak Mishra
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रामनगर/बाराबंकी,अमृत विचार। सीएचसी में प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर कई अस्पताल चक्कर लगाने के बावजूद पहली बार मां बनी विवाहिता ने दम तोड़ दिया, हालांकि नवजात शिशु बिल्कुल स्वस्थ है। मृतका के मायके पक्ष को ससुराल से फिलहाल कोई शिकायत नहीं है पर सीएचसी पर इलाज में लापरवाही का ठीकरा फोड़ा है। 

जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम बिरजूपुरवा अहाता के रहने वाले अनिरुद्ध की बहन सुमन का विवाह पुरैना गांव के रहने वाले राममहेश के साथ गत वर्ष अप्रैल माह में हुआ था। गर्भवती होने पर सुमन अपने मायके चली आई थी। बुधवार की दोपहर दो बजे परिजन प्रसवपीड़ा होने पर सुमन को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रामनगर लेकर पहुंचे। यहां पर प्रसव के बाद शिशु ने जन्म लिया।

परिजनों का आरोप है कि ब्लीडिंग होने के बावजूद विवाहिता को अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया। वापस घर लाने पर देर रात करीब एक बजे सुमन की तबीयत बिगड़ने लगी। घबराए परिजन आनन फानन में उसे लेकर कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। यहां रेफर होने के बाद उसे जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया पर वहां भी हालत बिगड़ने पर रेफर किए जाने के बाद हिन्द अस्पताल सफेदाबाद में भर्ती कराया गया। यहां पर गुरुवार की सुबह सुमन ने दम तोड़ दिया।

नवजात शिशु परिजनों के पास है लेकिन जच्चा की मौत से वह सभी बेसुध हो गए। यह सुमन की पहली संतान थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव घर ले गए हालांकि वहां पहुंचे ससुराली जनों ने पुरैना गांव शव ले जाकर अंतिम संस्कार किया। मृतका के भाई अनिरुद्ध का कहना है कि सीएचसी रामनगर में इलाज के दौरान लापरवाही बरतते दो घंटे बाद ही बहन को डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि उसकी हालत ठीक नहीं थी। कहा कि शनिवार को वह सीएचसी के डाक्टरों के खिलाफ लिखित शिकायत करेंगे। 

जानिए क्या बोले चिकित्सा अधीक्षक

इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रणव श्रीवास्तव ने बताया कि मरीज को जबरन डिस्चार्ज नहीं किया बल्कि परिजन ही उसे लेकर घर चले गए। सीएचसी स्तर पर कोई कमी नहीं रखी गई थी। उधर चौकी इंचार्ज रजनीश पांडेय ने बताया कि प्रकरण जानकारी में है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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