UP:बच्चियों को हिजाब और बच्चों को पहनाई टोपी, प्रार्थना की जगह होती थी दुआ, जांच को पहुंचे डीएम
संभल, अमृत विचार। जनपद के पीएमश्री विद्यालय जालब सराय में कथित धार्मिक गतिविधियों और विद्यालय परिसर में मजहबी शिक्षा को बढ़ावा देने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में तीन शिक्षकों के निलंबन और दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई स्वयं विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने अधिकारियों को भी चौंका दिया।
बताया जा रहा है कि विद्यालय से जुड़े कुछ वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें विद्यालय परिसर में कथित रूप से धार्मिक गतिविधियां संचालित होने के संकेत मिले। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों और स्टाफ से बातचीत की। जांच में यह बात सामने आई कि विद्यालय में बच्चियों को हिजाब पहनाया जा रहा था, जबकि बच्चों को इस्लामी टोपी पहनने के लिए कहा जाता था। इतना ही नहीं, विद्यालय में निर्धारित प्रार्थना के स्थान पर “लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी” दुआ कराए जाने की बात भी सामने आई।
जांच में यह भी आरोप सामने आए कि कुछ शिक्षकों द्वारा विद्यालय के नियमित पाठ्यक्रम से हटकर मजहबी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था। प्रकरण में प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर थाना नखासा में रविवार शाम दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज और प्रभारी प्रधानाध्यापक बालेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। सोमवार दोपहर जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई भारी प्रशासनिक टीम के साथ विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं और प्रार्थना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों से अलग-अलग बातचीत कर जानकारी जुटाई गई।
कई बच्चों ने अधिकारियों को बताया कि स्कूल में टोपी पहनाई जाती थी और दुआ भी कराई जाती थी। अधिकारियों ने शिक्षकों से भी पूरे मामले में जवाब-तलब किया। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि विद्यालय का पूरा करिकुलम निर्धारित होता है। बच्चों की प्रार्थना से लेकर उन्हें पढ़ाई जाने वाली सभी कक्षाओं तक सब कुछ तय है। उन्होंने कहा कि निर्धारित पाठ्यक्रम और शासन की गाइडलाइन से हटकर किसी भी प्रकार की गतिविधि कराना गलत है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसपी बोले- बच्चों पर नहीं थोप सकते व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताएं
पीएमश्री विद्यालय जालब सराय में कथित धार्मिक गतिविधियों और मजहबी शिक्षा को बढ़ावा देने के मामले में सोमवार को विद्यालय पहुंचे पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने स्पष्ट कहा कि किसी भी शिक्षक को अपनी व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं को छोटे बच्चों पर थोपने का अधिकार नहीं है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को एक विशेष धार्मिक पद्धति से प्रार्थना कराई जा रही थी और हिंदू बच्चों को हिजाब तथा टोपी पहनने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। मामले में बच्चों और शिक्षकों से पूछताछ की गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि स्कूल शिक्षा का केंद्र होता है और वहां बच्चों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा दी जानी चाहिए। किसी भी प्रकार की धार्मिक विचारधारा को बच्चों पर थोपना उचित नहीं माना जा सकता।
