योगी सरकार का बड़ा कदम, जल जीवन की परियोजनाओं को सौर उर्जा से जोड़कर बचाए 900 मेगावाट बिजली
-33 हजार से अधिक परियोजनाएं हर साल घटाएंगी 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन -योगी सरकार का 30 वर्षों में 37 हजार करोड़ रुपये से अधिक बचत का अनुमान
लखनऊ, अमृत विचार: योगी सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को सौर ऊर्जा से जोड़कर ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में 67 हजार से अधिक गांवों में संचालित 33 हजार से अधिक ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाएं अब सौर ऊर्जा आधारित मॉडल पर चल रही हैं। इससे दो करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक राजशेखर ने बताया कि सौर ऊर्जा संचालित पंपिंग सिस्टम स्थापित होने से अब तक 900 मेगावाट बिजली की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि पहले बिजली आपूर्ति बाधित होने या बिल भुगतान में दिक्कत के कारण कई योजनाएं प्रभावित होती थीं, लेकिन अब सौर ऊर्जा मॉडल से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं को 30 वर्षों के लिए डिजाइन किया गया है। अनुमान है कि पारंपरिक बिजली स्रोतों की तुलना में इनसे अगले 30 वर्षों में करीब 37 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। सरकार का फोकस ‘हर घर जल’ के साथ टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल मॉडल विकसित करने पर है।
अधिकारियों के अनुसार इन 33 हजार से अधिक परियोजनाओं में ग्रिड बिजली का उपयोग कम होने से हर वर्ष करीब 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे भारत के वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश में जल जीवन मिशन को सौर ऊर्जा से जोड़ने के मॉडल की केंद्र सरकार ने भी सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव को इस पहल के लिए सम्मानित किया था।
