बनभूलपुरा दंगा:जावेद और अरशद ने कोर्ट में किया सरेंडर, SC ने रद्द की थी डिफॉल्ट जमानत
हल्द्वानी, अमृत विचार। बनभूलपुरा दंगा मामले के मुख्य आरोपी जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब ने मंगलवार को एडीजे प्रथम की अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को नैनीताल हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें दोनों आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत दी गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि दोनों आरोपी दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया था।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मामले की गंभीरता, बड़ी संख्या में आरोपियों और गवाहों को देखते हुए जांच एजेंसी गंभीर परिस्थितियों में तेजी से जांच कर रही थी। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा जांच पर की गई टिप्पणियां उचित नहीं थीं।
उत्तराखंड सरकार ने नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब को दी गई डिफॉल्ट जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया। जिसके बाद मंगलवार को दोनों ने एडीजे प्रथम की अदालत में समर्पण कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में दंगा हुआ था। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस पर फायरिंग, पथराव और पेट्रोल बम से हमला किया था। कई पुलिस वाहन फूंक दिए गए थे और महिला पुलिसकर्मियों को थाने के भीतर बंद कर आग लगाने की कोशिश की गई थी। मामले में आईपीसी, यूएपीए और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
