Uttrakhand: मानसून से पहले नदियों का चैनलाइजेशन, छह लाख घन मीटर मलबा हटाया
टनकपुर, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की स्मृति में जनपद चम्पावत में मानसून पूर्व व्यापक स्तर पर नदी चैनलाइजेशन एवं ड्रेजिंग अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और आपदा न्यूनीकरण रहा।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णयों के तहत छह अप्रैल से टनकपुर, बनबसा और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान संचालित किया गया। सिंचाई विभाग द्वारा छीनीगोठ, आनंदपुर, चंदनी, बमनपुरी, पचपकरियां, खेतखेड़ा, अमोड़ी और देवीपुरा समेत कई क्षेत्रों में नदियों का चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग कार्य युद्धस्तर पर कराया गया।
टनकपुर और बनबसा क्षेत्र की हुड्डी, शारदा, किरोड़ा और लधिया नदियों में बढ़ते भू-कटाव, संभावित बाढ़ और जलभराव के खतरे को देखते हुए वन क्षेत्रों में सिल्टेशन रोकने तथा जल निकासी को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान मशीनों और श्रमिकों की मदद से नदियों के बहाव को मध्य भाग में केंद्रित किया गया, जिससे नदी किनारों पर दबाव कम होने के साथ आबादी और कृषि भूमि को कटाव से बचाने में सहायता मिलेगी।
करीब एक माह तक चले अभियान में विभिन्न नदियों से लगभग छह लाख 15 हजार घन मीटर मलवा हटाया गया। इससे मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे में कमी आने, जल निकासी व्यवस्था बेहतर होने और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि वर्षा ऋतु से पहले यह कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे हुड्डी नदी समेत अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर और संभावित आपदा जोखिम को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आपदा न्यूनीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
