Bareilly News: 4 हजार की नौकरी के लिए लगी लंबी कतार, PHD डिग्रीधारक भी शामिल

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Published By Monis Khan
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आंगनबाड़ी सहायिका पद के 705 पदों पर आए पांच हजार आवेदनों ने चौंकाया

बरेली, अमृत विचार। बेरोजगारी के इस दौर में एक अदद नौकरी की चाहत युवाओं से क्या कुछ नहीं कराती, इसकी एक बानगी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में देखने को मिल रही है। इस भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों के सामने आवेदकों की फाइलें आईं, तो वे हैरान रह गए। महज चार हजार रुपये प्रति माह के मानदेय वाले इस पद के लिए फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे कठिन विषयों से एमएससी पास और पीएचडी की उच्च डिग्री हासिल कर चुकी महिलाओं ने भी दावेदारी की है।

अब पहुंचे 5 हजार आवेदन
अधिकारी बताते हैं कि विभाग की ओर से इस पद के लिए निर्धारित की गई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता केवल इंटरमीडिएट है। अंतिम चयन चूंकि परास्नातक तक के अंकों की मेरिट के आधार पर होना है, इसलिए उच्च डिग्रीधारी महिलाओं ने भी आवेदन किया है। जिले में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 705 पदों को भरने के लिए करीब पांच हजार आवेदन आ चुके हैं, जिनकी छंटनी में अधिकारी जुटे हैं। कॅरियर काउंसलर नवनीत शुक्ला कहते हैं कि इतनी बड़ी डिग्रियों के बाद भी महज चार हजार रुपये प्रति माह के पद पर आवेदन करना, रोजगार के गंभीर संकट को बयां करता है। प्राइवेट सेक्टर में छंटनी का लगातार बना रहने वाला डर और तय समय से ज्यादा काम के बदले कम वेतन मिलना भी इसके पीछे की मुख्य वजह है।

इस बार फूंक-फूंक कर रखे जा रहे कदम
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विवादों से मुक्त रखने के लिए सीडीओ देवयानी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। पिछली भर्ती में सामने आईं अनियमितताओं और गड़बड़ियों को देखते हुए इस बार आवेदनों और शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच करने के लिए तीन कमेटियों का गठन किया गया है। कमेटियों की निगरानी में एक-एक दस्तावेज को परखा जा रहा है, ताकि मेरिट सूची निष्पक्ष बने और किसी भी प्रकार की मैन्युअल गड़बड़ी या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।

उच्च शिक्षित महिलाओं की संख्या ज्यादा
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती के आवेदन पत्रों की जांच में उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाओं की बड़ी संख्या सामने आई है। चूंकि अंतिम चयन सूची इंटरमीडिएट से परास्नातक तक के शैक्षणिक अंकों की मेरिट के आधार पर तैयार होनी है, इसलिए स्क्रूटनी प्रक्रिया में हर एक दस्तावेज को बेहद बारीकी से परखा जा रहा है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।

 

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