अदाणी पर अमेरिकी आरोप वापस, USISPF CEO बोले- भारत-अमेरिका साझेदारी को मिला नया बल

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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वॉशिंगटनः अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मुकेश अघी ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज से जुड़े मामले में अमेरिकी न्याय मंत्रालय के समाधान से कानूनी विवाद समाप्त हो गया है जो अन्यथा मजबूत भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी में एक व्यवधान बना हुआ था। उन्होंने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज का 10 अरब डॉलर निवेश करने का संकल्प, राजदूत सर्जियो गोर की हालिया घोषणा पर आधारित है। गोर ने कहा था कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में विभिन्न क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही हैं।

अघी ने कहा, ''यूएसआईएसपीएफ में हमारा मानना है कि ये निवेश अमेरिका में मजबूत भागीदार बनने की भारतीय कंपनियों की इच्छा को दर्शाते हैं। इससे मौजूदा सहयोग को बल मिलेगा, रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और दीर्घकालिक द्विपक्षीय आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।'' 

अदाणी समूह ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोपों के निपटारे के लिए 27.5 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने कहा कि जांच में भारतीय समूह ने ''व्यापक सहयोग किया और सक्रिय रूप से जानकारी साझा की।'' 

अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से वापस ले लिए हैं। इससे न्यूयॉर्क में चल रहा प्रतिभूति और 'वायर' धोखाधड़ी का चर्चित मामला पूरी तरह समाप्त हो गया।

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