One District One Dish: अब दुनिया चखेगी यूपी का पारंपरिक स्वाद, योगी सरकार करेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध पाक परंपरा को अब ग्लोबल प्लेटफॉर्म मिलेगा। योगी सरकार "एक जनपद एक व्यंजन" योजना के जरिए प्रदेश के सभी जिलों के विशिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का ब्रांड निर्माण कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएगी।

हाल ही में योगी मंत्रिमंडल ने इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दे दी है। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक इस योजना का उद्देश्य केवल स्वाद और परंपरा को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और निर्यात को भी बढ़ावा देना है। 

सरकार हर जिले के पारंपरिक व्यंजनों की पहचान कर उन्हें संगठित, सुरक्षित, ब्रांडेड और बाजारोन्मुख बनाएगी। योजना के तहत जिलाधिकारियों, संबंधित विभागों, प्रतिष्ठित संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और जिला उद्योग केंद्रों से मिले सुझावों के आधार पर जनपदवार व्यंजनों की पहचान की गई है। इन व्यंजनों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। योगी सरकार व्यंजनों को एक्सपोर्ट रेडी बनाने के लिए आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर फोकस कर रही है। 

भारतीय पैकेजिंग संस्थान के सहयोग से स्मार्ट पैकेजिंग, इको-फ्रेंडली पैक, क्यूआर कोड, बारकोड और न्यूट्रीशन लेबलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता और पोषण संबंधी पूरी जानकारी मिल सकेगी और यूपी के पारंपरिक व्यंजन बड़े बाजारों तक पहुंच पाएंगे।

योजना के तहत स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पैकेजिंग, डिजाइनिंग, गुणवत्ता सुधार और फूड प्रोसेसिंग के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से नि:शुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

योगी सरकार "एक जनपद एक व्यंजन" की अवधारणा का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड निर्माण करेगी। प्रदेश के प्रमुख आयोजनों में "स्वाद यूपी का" थीम के अंतर्गत व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। लघु फिल्मों, डिजिटल प्रचार और ब्रांडिंग अभियानों के माध्यम से लोगों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद से जोड़ा जाएगा। यह पहल केवल खानपान तक सीमित नहीं है।

इसे सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन, रोजगार और निर्यात से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि "एक जनपद एक व्यंजन" योजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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