सीएम योगी की सख्ती भी बेअसर, मई माह का कटौती शेड्यूल बना मजाक, रात की अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण बेहाल
बाराबंकी, अमृत विचार। विद्युत उपकेंद्र देवा क्षेत्र में मई माह के लिए जारी बिजली कटौती शेड्यूल उपभोक्ताओं के लिए मजाक बनकर रह गया है। कंट्रोल रूम द्वारा निर्धारित समय-सारिणी जारी होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय कई-कई घंटों की अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच रात भर बिजली गुल रहने से ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो गया है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शेड्यूल के अलावा बिजली कटौती न करने को लेकर सख्त दिशा निर्देश जारी कर रखे हैं।
विभाग की ओर से विशुनपुर और राजापुर फीडरों पर सुबह 08:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा दोपहर 13:15 बजे से 16:15 बजे तक कटौती निर्धारित की गई है। वहीं नगर पंचायत देवा फीडर पर सुबह 06:00 बजे से 07:00 बजे तक और दोपहर 14:00 बजे से 15:30 बजे तक बिजली बंद रखने का शेड्यूल तय किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग दिन में निर्धारित कटौती के बजाय रात में अघोषित रूप से बिजली काट रहा है, जबकि दिन में कई बार सामान्य आपूर्ति दी जा रही है। इससे किसानों, मजदूरों और आम उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर खेतों में मेहनत करने वाले किसान और मजदूरी कर लौटने वाले श्रमिक रात में आराम तक नहीं कर पा रहे हैं। बिजली न होने से लोग देर रात तक घरों के बाहर बैठकर सप्लाई आने का इंतजार करने को मजबूर हैं।
सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही रात की कटौती से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय अनावश्यक बिजली कटौती न करने के निर्देश दिए थे, ताकि गर्मी के मौसम में गांवों के लोगों को राहत मिल सके। इसके बावजूद देवा क्षेत्र में आदेशों का असर दिखाई नहीं दे रहा है।
इस संबंध में अवर अभियंता देवा शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली कटौती के आदेश कंट्रोल रूम से जारी होते हैं और उन्हीं निर्देशों के अनुसार सप्लाई रोकी जाती है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से मई माह के जारी शेड्यूल का सख्ती से पालन कराने तथा रात में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
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