बहराइच में बुलडोजर एक्शन : सरकारी जमीन पर मदरसा समेत कई अवैध निर्माण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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Published By Anjali Singh
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बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सरकारी बंजर भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मदरसा समेत कई अवैध निर्माणों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हुजूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिंहपुर के घिसियौना गांव स्थित गाटा संख्या 495 की ग्राम सभा की बंजर भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण किए गए थे। मामले को लेकर गांव निवासी रहीस अहमद द्वारा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। 

न्यायालय ने प्रशासन को भूमि खाली कराने का दिया निर्देश

सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रशासन को भूमि खाली कराने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में तहसीलदार पयागपुर न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 67 के अंतर्गत वाद की सुनवाई की गई। न्यायालय ने खतौनी, खसरा, लेखपाल की जांच रिपोर्ट तथा अन्य अभिलेखों के अवलोकन के बाद यह माना कि संबंधित भूमि ग्राम सभा के बंजर खाते में दर्ज है और उस पर अनधिकृत अतिक्रमण किया गया है। 

बिना स्थलीय पैमाइश रिपोर्ट तैयार करने का आरोप

न्यायालय के समक्ष विपक्षी पक्ष ने लेखपाल की रिपोर्ट को साजिशन बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी तथा बिना स्थलीय पैमाइश रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया था। हालांकि, पुनः जांच और प्रतिपरीक्षा में क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा अतिक्रमण की पुष्टि किए जाने के बाद न्यायालय ने आपत्तियों को साक्ष्य के अभाव में निरस्त कर दिया। तहसीलदार न्यायालय ने विभिन्न विपक्षियों के विरुद्ध बेदखली एवं क्षतिपूर्ति का आदेश पारित किया।

आदेश में वकील, शकील, साहिल, जावेद, नावेद, सईद अहमद, रईस अहमद और रियाज अहमद समेत अन्य लोगों को संबंधित भूमि से बेदखल करने तथा क्षतिपूर्ति एवं निष्पादन व्यय वसूलने के निर्देश दिए गए। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय और तहसीलदार अंबिका चौधरी के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान साहिल, शकील, नावेद और जावेद पुत्र सगीर अहमद द्वारा निर्मित चार पक्की दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। 

इसके अतिरिक्त एक मदरसा भवन, सामने रखा टीनशेड तथा ढाबली को भी हटाया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हुजूरपुर थानाध्यक्ष शमशेर बहादुर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। राजस्व विभाग की टीम ने भूमि की पैमाइश कर सीमांकन भी कराया। प्रशासन ने कार्रवाई के बाद भूमि को कब्जामुक्त घोषित करते हुए दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

इस संबंध में उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद तहसीलदार न्यायालय से बेदखली आदेश पारित हुआ था, जिसके अनुपालन में कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने जिलाधिकारी न्यायालय में बेदखली आदेश को चुनौती दी है, इसलिए जिन मामलों में स्थगन अथवा आपत्ति लंबित है, उन पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की गई है। आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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