व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी का बड़ा बयान: आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए व्यापारियों का 'डिजिटल' होना जरूरी
ONDC से जुड़कर 'डिजी दुकान' खोलें छोटे व्यापारी, व्यापारिक समस्याओं के समाधान के लिए हर जिले में बनेगा कल्याण बोर्ड
बरेली, अमृत विचार। उद्योग वाणिज्य मंत्रालय के अधीन गठित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील जे सिंघी ने कहा है कि आर्थिक विकास की रफ्तार देखते हुए व्यापारियों को ''डिजिटल'' होना जरूरी है। केंद्र सरकार ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के जरिये क्षेत्र से देश स्तर तक व्यापारियों को जोड़ रही है। व्यापारियों को ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ने की जरूरत है। चेयरमैन सिंघी सोमवार को यहां फरीदपुर इंडस्ट्रिलिस्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि अभी नेटवर्क से ज्यादातर किराना व्यापारी जुड़े हैं। इसमें हर तरह के व्यापारियों का पंजीकरण किया जा रहा है। यह ओपनसोर्स ई-कॉमर्स पहल है, जो खरीददार-छोटे दुकानदार व लॉजिस्टिक कंपनियों को साथ जोड़ेगी। डिजी दुकान के रूप में व्यापारी ऐप के जरिये ऑनलाइन स्टोर खोल सकते हैं।
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सिंघी ने बताया कि केंद्र ने अंग्रेजों के समय के कई ऐसे कानून रद्द किए हैं, जिनकी वजह से व्यापारियों को जेल तक जाना पड़ता था। व्यापारियों के साथ प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों के कल्याण अब विशेष ध्यान दिया जा रहा है। व्यापारियों के लिए मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की गई है। एमएसएमई में ऋण सीमा पांच करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दी है। जीएसटी सुधार प्रक्रिया से व्यापार बढ़ रहा। इस दौरान बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता, इंडस्ट्रिलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरुप्रीत सिंह, सचिव रजत मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे।
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समस्याएं निपटाने को जिलों में भी गठित होगा बोर्ड
चेयरमैन सिंघी ने बताया कि दिल्ली, तेलंगाना समेत अन्य राज्यों में कल्याण बोर्ड का गठन हो चुकाहै। बाकी राज्यों में गठन पर जोर है। व्यापारियों की समस्याएं जिले स्तर पर निपटाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में भी कल्याण बोर्ड बनाने का फैसला लिया गया है। बोर्ड व्यापारियों के कल्याण के साथ प्रतिष्ठान के कर्मियों व उनके कौशल विकास पर भी जोर दे रहा है।
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चेयरमैन सिंघी को दाल व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन
बरेली के दाल व्यापारियों ने राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दाल की खरीद पर डेढ़ प्रतिशत लगने वाले मंडी शुल्क को खत्म करने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि दाल मिलों से यह शुल्क नहीं लिया जा रहा है, जबकि व्यापारियों से इस शुल्क की वसूली हो रही है। इससे व्यापारियों को प्रति ट्रक 30 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। ज्ञापन देने वालों में दाल व्यापारी एसोसिएशन से भुवनेश अग्रवाल समेत अन्य व्यापारी शामिल थे।
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बीएल एग्रो के उद्योग-व्यापार संवाद में जुटीं नामीं हस्तियां
परसाखेड़ा स्थित बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज के सभागार में आयोजित व्यापारी, उद्योगपति एवं सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ संवाद कार्यक्रम में नामी चेहरों की मौजूदगी देखने को मिली। बीएल एग्रो चेयरमैन घनश्याम अग्रवाल ने विमर्श का मंच संभालते हुए कहा कि पहले के मुकाबले अब सुरक्षित माहौल एवं अधिक सुविधाएं मिलने से उद्योग-कारोबार को मजबूती मिल रही है। नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने बरेली के उद्यम एवं कारोबार से जुड़ी समस्याओं के बारे में ज्ञापन नोट भी चेयरमैन सुनील सिंघी को सौंपा। इस मौके पर आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल, केन्द्रीय सदस्य विमल रिबाड़ी, चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी, पूर्व चेयरमैन तनुज भसीन, एसआरएमएस ग्रुप के डायरेक्टर आदित्यमूर्ति, फ्यूचर ग्रुप के चेयरमैन मुकेश गुप्ता, सिद्धि विनायक ग्रुप के एमडी अनपुम कपूर, आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल, बीएल एग्रो के स्वतंत्र निदेशक एएन सिंह, डीजी इन्फ्रा चेयरमैन धमेन्द्र गुप्ता, आर्थिक मामलों के जानकार डॉ. स्वतंत्र कुमार, दिलीप खंडेलवाल, प्रगतिशील कृषक अनिल साहनी, राजेश जसौरिया, राजीव सिंघल, अजय भट्ट, सीए कपिल वैश्य, आशुतोष शर्मा, राजेश गुप्ता, दीपक देवनानी, मनोज चौधरी, ऋृषभ बंसल सहित सहित उद्योग, कारोबार, रियल एस्टेट के प्रमुख चेहरे मौजूद रहे।
