गृह जनपद वापसी का टूटा सपना : UP में परिषदीय शिक्षकों के ट्रांसफर पर लगा ब्रेक, जनगणना-समायोजन में उलझे तबादले
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों पर फिलहाल रोक लग गई है। जनगणना कार्य और शिक्षक समायोजन प्रक्रिया के चलते बेसिक शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे वर्षों से गृह जनपद जाने का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं में निराशा बढ़ गई है।
सरकारी आदेश के अनुसार, जनगणना का पहला चरण 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण अगले वर्ष फरवरी में प्रस्तावित है। जनगणना कार्य पूरा होने तक 31 मार्च 2027 तक स्थानांतरण न किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आधार पर विभाग ने फिलहाल तबादलों पर रोक लगा दी है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान परिस्थितियों में एक जिले से दूसरे जिले में शिक्षकों के तबादले संभव नहीं हैं। जबकि शिक्षक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की जा रही है। प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक 10 से 15 वर्षों से गैर जनपदों में तैनात हैं। पिछली स्थानांतरण नीति में करीब 500 शिक्षकों के ही तबादले हो सके थे, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक वंचित रह गए थे।
इधर, शिक्षक समायोजन मामले में राज्य सरकार ने न्यायालय को बताया है कि विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनका सत्यापन और निस्तारण किया जा रहा है। न्यायालय ने सभी आपत्तियों का निस्तारण 20 जून तक पूरा करने और अगली सुनवाई तीन जुलाई 2026 को तय की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण या पुनर्नियोजन नहीं किया जाएगा।
