बाराबंकी: न्याय के लिये साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा पीड़ित
बाराबंकी। थाना असंद्रा क्षेत्र अंतर्गत न्यायलय में सुलह हो जाने के बावजूद पीड़ित न्याय के लिये जिला मुख्यालय स्थित कचहरी में भटक रहा है। तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरवन टिकथा मजरे अनार पट्टी टीकूरी निवासी मोहम्मद अनीश के लगभग 51 वर्ष से पुराने मकान के निवासी है। जिस पर रामसनेहीघाट तहसील की कोर्ट नंबर …
बाराबंकी। थाना असंद्रा क्षेत्र अंतर्गत न्यायलय में सुलह हो जाने के बावजूद पीड़ित न्याय के लिये जिला मुख्यालय स्थित कचहरी में भटक रहा है। तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरवन टिकथा मजरे अनार पट्टी टीकूरी निवासी मोहम्मद अनीश के लगभग 51 वर्ष से पुराने मकान के निवासी है। जिस पर रामसनेहीघाट तहसील की कोर्ट नंबर चौदह में 10/11/2017 को न्यायाधीश के आदेश पर सुलह हुई थी।
जिसके बाद विपक्षी ने अपने हिस्से में दीवार खड़ी कर ली थी। पीड़ित पक्ष ने भी दीवार बनायी। लेकिन दबंग लल्लू प्रसाद और उसके परिवार को यह बात नागवार गुजरी। पीड़ित के मुताबिक, लल्लू प्रसाद ने बीती 18 दिसंबर को पीड़ित की 13 फुट लम्बी और छह फुट ऊंची दीवार ढहा दी।
इतना ही पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराते हुए बीती 24 दिसंबर को टीन पड़ी छत को ढहाते हुऐ मकान ध्वस्त करने के साथ 18 दिसंबर को गिराई दीवार की ईंट से खड़ंजा बिछाते हुए पूरा रास्ता बना डाला। घर में अकेली रह रही अनीश की वृद्ध पत्नी शकीलाबानो के विरोध करने पर लल्लू प्रसाद और उसके पुत्र संतोष, पत्नी श्रीदेवी और पुत्री शिव कुमारी ने उसे लाठी डंडो से पीटी। जिसके बाद वह लोग उसे अधमरा समझ कर फरार हो गये।
पड़ोसियों से देवा मजार पर मुरीद मोहम्मद अनीश को मामले की जानकारी हुई। इसकी जानकारी वह लखनऊ में रह रहे अपने पुत्र को देकर असंद्रा गांव पहुंचा। पत्नी शकीलाबानो को इलाज के लिये भर्ती कराया और पुलिस में शिकायत की। लेकिन मामले का कोई हल नहीं निकला। अनीश न्याय के लिये साक्ष्यों के साथ सोमवार से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर लगातार कोशिश कर रहा है।
