हरदोई में खाते से 89,654 की साइबर ठगी, Flipkart के जरिए गिफ्ट वाउचर खरीदने का आरोप; कोर्ट के आदेश पर FIR

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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बैंक खाते से बिना अनुमति कई UPI ट्रांजैक्शन के जरिए रकम निकाले जाने का आरोप; पुलिस से सुनवाई न होने पर अदालत पहुंचे शिकायतकर्ता, ACJM के आदेश के बाद साइबर क्राइम सेल ने दर्ज किया केस।

हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र के इंदिरा नगर निवासी प्रिंटिंग कारोबारी विनय मिश्रा के बैंक खाते से बिना उनकी जानकारी और सहमति के 89,654 रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके खाते से कई UPI ट्रांजैक्शन के जरिए रकम काटी गई और इन पैसों से Flipkart के गिफ्ट वाउचर खरीदे गए।

मामले में स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। ACJM (तृतीय) के आदेश के बाद साइबर क्राइम सेल ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पांच ट्रांजैक्शन में काटी गई रकम

शिकायत के मुताबिक, विनय मिश्रा का बैंक ऑफ इंडिया की नघेटा इंडस्ट्रियल स्टेट शाखा में चालू खाता है। 19 मई को उनके खाते से उनकी जानकारी या सहमति के बिना UPI के जरिए कुल 89,654 रुपये निकाले गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार रकम कई लेन-देन में काटी गई, जिनमें 29,400 रुपये, 30,000 रुपये, 10,127 रुपये, 10,127 रुपये और 10,000 रुपये शामिल हैं।

अगले दिन UPI ट्रांसफर भी हुआ बाधित

20 मई को जब विनय मिश्रा ने खुद UPI के माध्यम से ट्रांसफर करने की कोशिश की तो लेन-देन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। स्टेटमेंट की जानकारी मिलने पर उन्हें कथित तौर पर पता चला कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल कर Flipkart के गिफ्ट वाउचर खरीदे गए थे।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने कभी कोई गिफ्ट वाउचर नहीं खरीदा और न ही इस तरह के लेन-देन के लिए किसी को अनुमति दी थी।

साइबर सेल और एसपी से शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे

विनय मिश्रा ने मामले की शिकायत साइबर सेल और पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री के माध्यम से भेजी थी। आरोप है कि शिकायत पर सुनवाई नहीं होने के बाद उन्होंने अदालत की शरण ली।

अदालत के आदेश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत कार्रवाई की गई।

BNS और IT Act के तहत केस दर्ज

साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा के आदेशानुसार मामले में बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। साइबर क्राइम सेल ने मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।

शिकायत में Flipkart के प्रबंध निदेशक और बैंक ऑफ इंडिया की संबंधित शाखा के प्रबंधक पर धोखाधड़ी में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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