नौनिहालों के बीच शराब का ठेका! 17 सालों से चल रही दुकान के बगल में खोल दिया स्कूल, अब उठे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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बाराबंकी के देवा क्षेत्र के सलारपुर में शिव शक्ति शिक्षण संस्थान के ठीक बगल देसी शराब की दुकान संचालित होने से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। स्कूल के पास शराब की दुकान को लेकर ग्रामीणों में चिंता है।

बाराबंकी, अमृत विचार। यूपी के बाराबंकी जिले में बच्चों के सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल को लेकर भले ही तमाम दावे किए जाते हों, लेकिन देवा क्षेत्र के ग्राम सलारपुर में तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। यहां देवा-फतेहपुर मार्ग पर संचालित शिव शक्ति शिक्षण संस्थान के ठीक बगल में देसी शराब की दुकान संचालित हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शराब की यह दुकान करीब 17 वर्षों से पहले से संचालित है, जबकि विद्यालय बाद में शुरू हुआ। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शराब की दुकान के ठीक बगल में विद्यालय खोलने की अनुमति कैसे मिली और उसे मान्यता किस आधार पर दी गई?

स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय से सटी शराब की दुकान के आसपास अक्सर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। शराब की गंध और वहां का माहौल स्कूल आने वाले बच्चों के लिए असहज स्थिति पैदा करता है। लोगों का कहना है कि नौनिहालों के बीच शराब की दुकान का संचालन न केवल उनके लिए असुरक्षित माहौल पैदा कर सकता है, बल्कि बच्चों पर इसके सामाजिक और मानसिक प्रभाव को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

मामले को लेकर एक और चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक विद्यालय की ड्रेस पहने बच्चे शराब की दुकान के पास स्थित कैंटीन से सामान खरीदते हुए भी दिखाई देते हैं। ऐसे में अभिभावकों के बीच बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। सवाल यह भी है कि विद्यालय परिसर के आसपास बच्चों की आवाजाही को देखते हुए प्रबंधन की ओर से सुरक्षा और अनुशासन के क्या इंतजाम किए गए हैं।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। जब स्थानीय लोगों के अनुसार शराब की दुकान करीब 17 वर्षों से वहां संचालित थी और विद्यालय बाद में शुरू हुआ तो आखिर इसी स्थान का चयन क्यों किया गया? क्या विद्यालय शुरू करने से पहले बच्चों के अनुकूल वातावरण, सुरक्षा और अन्य जरूरी मानकों की जांच की गई थी? यदि विद्यालय को मान्यता देने से पहले संबंधित विभाग की ओर से मौके का निरीक्षण किया गया था तो शराब की दुकान की मौजूदगी पर क्या रिपोर्ट दी गई और क्या कोई आपत्ति दर्ज की गई?

बीईओ अर्चना यादव बोलीं- मामला संज्ञान में नहीं, होगी जांच

मामले में खंड शिक्षा अधिकारी देवा अर्चना यादव ने कहा कि यह प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि विद्यालय को मान्यता कब दी गई थी। अर्चना यादव ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। जांच के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के बाद यह साफ होगा कि शराब की दुकान और विद्यालय की स्थिति को लेकर नियमों का पालन हुआ या नहीं और विद्यालय को मान्यता देने के दौरान संबंधित विभाग की ओर से किन पहलुओं की जांच की गई थी।

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