अनुसूचित जाति छात्रों के उच्च शिक्षा के लिये सरकार ने बनायी योजना: राज्य मंत्री

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गोरखपुर, अमृत विचार। गोरखपुर सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग सुरेश पासी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज अगले 5 वर्षों में 5 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए मैट्रिकोत्तर एससी छात्रवृत्ति की …

गोरखपुर, अमृत विचार। गोरखपुर सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग सुरेश पासी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज अगले 5 वर्षों में 5 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए मैट्रिकोत्तर एससी छात्रवृत्ति की केंद्रीय प्रायोजित स्कीम बड़े और रूपांतरात्मक परिवर्तनों के साथ अनुमोदित की है। जिससे उच्चतर शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।

राज्य मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 59048 करोड़ रुपए की कुल निवेश को अनुमोदन प्रदान किया है, जिनमें से केंद्र सरकार 35534 करोड़ जो कुल का 60% खर्च करेगी, और शेष राशि राज्य सरकारों द्वारा खर्च की जायेगी। यह स्कीम मौजूदा “प्रतिबद्ध देयता” प्रणाली को प्रतिस्थापित करेगी। इस महत्वपूर्ण स्कीम में केंद्र सरकार की भागीदारी अधिक रहेगी।

एस. सी. जनसंख्या के शैक्षिक सशक्तिकरण एकल के क्षेत्र में एस सी छात्रों के लिये मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति स्कीम भारत सरकार का सर्वाधिक एकल हस्तक्षेप है।

केंद्र सरकार इन प्रयासों को और अधिक बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध है, ताकि 05 वर्ष की अवधि के भीतर उच्च शिक्षा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस स्कीम के उपर्युक्त कार्यान्वयन पर अधिक जोर दिया है, ताकि समय पर भुगतान किया जा सके। व्यापक जवाबदेही,निरंतर निगरानी और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके,

इस दिशा में मंत्रिमंडल ने निम्नलिखित मुख्य संशोधन अनुमोदित किये हैं। उन्होंने बताया कि गरीब से गरीब परिवारों के दसवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्रों को अपनी इच्छा अनुसार उच्चतर शिक्षा पाठ्यक्रमों में नामित करने के लिये एक अभियान चलाया जायेगा।

अनुमान है कि 1.36 करोड़ ऐसे ही सबसे गरीब छात्र हैं जो वर्तमान में दसवीं कक्षा के बाद अपनी शिक्षा जारी नहीं रख सकते हैं को अगले 5 वर्षों में उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाया जायेगा। यह स्कीम सुदृढ़ सुरक्षा उपायों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर संचालित की जायेगी, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही, कार्य क्षमता तथा बिना विलंब के, समय बद्ध सहायता सुनिश्चित होगी।

राज्य पात्रता,जातिगत, स्थिति, आधार, पहचान तथा बैंक खाता के ब्योरे की ऑनलाइन पोर्टल पर जांच करेंगे। इस स्कीम के अंतर्गत छात्रों को वित्तीय सहायता का आहरण डीबीटी मोड के माध्यम से और अधिमान्यता आधार, सबल भुगतान प्रणाली का प्रयोग में लाकर किया जायेगा। वर्ष 2021-22 से प्रारंभ करते हुए इस स्कीम में केंद्र का 60% निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छात्रों के बैंक खाते में डीबीटी मोड के माध्यम से सीधे जारी किया जायेगा।

राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्रीय सहायता जो वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 के दौरान लगभग 1100 करोड़ रुपये प्रति वर्ष थी, उसे वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान 5 गुना से अधिक बढ़ाकर लगभग 6000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष किया जायेगा। राज्य सरकारें बड़ी संख्या में एस सी छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए कार्यनीति को कार्यान्वित करने में महत्वपूर्ण भागीदार होंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा जिला महामंत्री सबल सिंह पालीवाल, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवीन पाण्डेय उर्फ बच्चा पाण्डेय, जिला मीडिया प्रभारी के.एम.मझवार, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, महानगर मीडिया प्रभारी चंदन आर्य, अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ पासवान, क्षेत्रीय महामंत्री अनुराग मझवार, जिलाध्यक्ष रामदुलारे, देवेश श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार, छोटे लाल पासवान, संजय कुमार निषाद, अनूप कुमार साहनी, सूर्यजीत निषाद,नरेंद्र कुमार महंता आदि लोग रहे।

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