बरेली: चार साल में 97 लापरवाह पुलिसकर्मियों को दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति
अमृत विचार, बरेली। बरेली जोन में चार साल में गंभीर अपराधों में कमी आयी है। एडीजी जोन ने वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2020 में हुए अपराधों का आंकड़ा जारी किया है। इसके अलावा जोन में पुलिस ने कितनी कार्रवाई और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की गई, इसका भी आंकड़ा जारी किया गया …
अमृत विचार, बरेली। बरेली जोन में चार साल में गंभीर अपराधों में कमी आयी है। एडीजी जोन ने वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2020 में हुए अपराधों का आंकड़ा जारी किया है। इसके अलावा जोन में पुलिस ने कितनी कार्रवाई और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की गई, इसका भी आंकड़ा जारी किया गया है।
जोन में 97 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। लापरवाही बरतने वाले 3541 पुलिसकर्मियों को लघुदंड और 170 पुलिसकर्मियों को दीर्घ दंड दिया गया।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, वर्ष 2018 से अब तक जोन में सोशल मीडिया के जरिए 229 अभियोग पंजीकृत किए गए। इसके अलावा 754 सोशल मीडिया अकाउंट की रिपोर्ट की गई। इन अकाउंट से या तो कोई आपत्तिजनक या फिर धार्मिक भावना भड़काने वाली पोस्ट की गई थी। वर्ष 2019 से अब तक पॉक्सो एक्ट के वादों में प्रभावी पैरवी के जरिए 209 अभियुक्तों को सजा कराई गई। इनमें दो में मृत्युदंड और 38 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
जोन में पुलिस ने 20 मार्च 2017 से गैंगस्टर एक्ट के 186 मामलों में 101.52 करोड़ 1658 रुपये की संपत्ति जब्त की है। गैंगस्टर एक्ट के 2234 मुकदमों में 7108 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। 19931 लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई।
पुलिस ने 154 मामलों में एनएसए की कार्रवाई की। इस दौरान 1275 ईनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। जोन में चार साल में 1070 पुलिस मुठभेड़ हुईं जिनमें 2382 अभियुक्त गिरफ्तार हुए, 270 गोली लगने से घायल हुए और सात अभियुक्त मारे गए। इसके अलावा भी पुलिस ने कई कार्रवाई की हैं। पिछले चार वर्षों में जोन में कोई दंगा भी नहीं हुआ है। गोवध अधिनियम के तहत पुलिस ने 4550 अभियोग दर्ज किए जिनमें 11635 अभियुक्त गिरफ्तार हुए या कोर्ट में हाजिर हो गए।
