लखनऊ: रोडवेज के संविदा चालकों परिचालकों ने बसों का संचालन ठप कर की हड़ताल
लखनऊ। मुंबई, दिल्ली समेत गैर राज्यों से आ रहे श्रमिकों को बसों से पहुंचाया जा रहा है। ये श्रमिक कोविड जांच में संक्रमित मिल रहे हैं। बदले में रोडवेज बसों को बिना सेनेटाइज किए फिर सवारी भरकर रवाना कर दिया जा रहा है। जबकि बीते एक सप्ताह में 17 चालक परिचालक कोरोना से संक्रमित हो …
लखनऊ। मुंबई, दिल्ली समेत गैर राज्यों से आ रहे श्रमिकों को बसों से पहुंचाया जा रहा है। ये श्रमिक कोविड जांच में संक्रमित मिल रहे हैं। बदले में रोडवेज बसों को बिना सेनेटाइज किए फिर सवारी भरकर रवाना कर दिया जा रहा है। जबकि बीते एक सप्ताह में 17 चालक परिचालक कोरोना से संक्रमित हो चुके है। यही नहीं जिन बसों में कम यात्री है उन बसों के चालक परिचालकों के वेतन से कटौती करने के आदेश दे दिए। इस बात से आक्रोशित संविदा और नियमित चालको परिचालकों ने गुरुवार सुबह रोडवेज बसों का संचालन ठप कर हड़ताल कर दियाl
आलमबाग, चारबाग और कैसरबाग बस स्टेशन पर सुबह से बसों का संचालन न होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इनमें दैनिक यात्री ही नहीं दिल्ली मुंबई से ट्रेनों से आने वाले यात्री भी बसों के इंतजार में बस अड्डे पर भटकते रहे। इस दौरान गुरुवार सुबह से दोपहर तक पांच घंटे बसों का संचालन नहीं हुआ। आनन-फानन में लखनऊ परिक्षेत्र के सेवा प्रबंधक सत्यनारायण और कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के बीच वार्ता के बाद समस्याओं को जल्द खत्म करने के आवश्वासन पर बस संचालन शुरू हुआ।
रोडवेज बसों में कोविड से बचने के सभी उपाय ध्वस्त
परिवहन निगम संविदा कर्मचारी संघर्ष यूनियन के उपाध्यक्ष सुरेश वर्मा बताते है कि कोविड से बचने के लिए रोडवेज के पास कोई उपाय नहीं है। न बसें सेनेटाइज हो रही न सुरक्षा किट दिए जा रहे है। यही नहीं बसों में सवारी कम होने पर वेतन से कटौती करने की धमकी अलग से दी जा रही है। ऐसे में चालक परिचालकों में सब्र टूट गया है।
अचानक 350 बसों का संचालन बंद होने से मच गया हड़कंप
राजधानी के बस अड्डों पर सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक 350 बसों का संचालन बंद रहा बसें नहीं चली बसें चारबाग, आलमबाग और कैसरबाग बस अड्डे पर खड़ी रही l मुंबई और दिल्ली से ट्रेन से आए 5000 श्रमिक घंटों दर-दर भटकते रहे पुणे आवागमन की कोई सुविधा नहीं मिल रही थीl
बसों का संचालन अचानक ठप होने से भारी संख्या में यात्री स्टेशन परिसर का चक्कर लगाते रहे लोग इधर-उधर पूछते रहे कि आखिर क्यों बसों का संचालन बंद हो गया है जब उन्हें पता चला कि बसों का हड़ताल कर दिया गया है तो यात्री मायूस होकर प्राइवेट वाहन खोजने में जुट गए l
इन वजहों से रोडवेज के चालकों परिचालकों ने संचालन किया बंद
रोडवेज बसों की सफाई-धुलाई और सेनेटाइज नहीं कराया जाता है जिससे चालको का हमेशा खतरा बना रहता है l परिचालकों का कहना था कि कोविड से बचने के लिए कर्मियों को सुरक्षा किट नहीं दिए गए l बसों में कम यात्री होने पर रिकवरी आदेश हम लोग खुद भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे l
