यूपी में ब्लैक फंगस से एक दिन में तीन की मौत, नोएडा में 7 नए मरीज मिले

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बाद अब ब्लैक फंगस ने उत्तर प्रदेश में तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है। प्रदेश भर में तीन लोगों की ब्लैक फंगस से मौत हो गई है।  मेरठ में इसकी चपेट में आने के बाद एक और झांसी में दो लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं नोएडा में …

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बाद अब ब्लैक फंगस ने उत्तर प्रदेश में तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है। प्रदेश भर में तीन लोगों की ब्लैक फंगस से मौत हो गई है।  मेरठ में इसकी चपेट में आने के बाद एक और झांसी में दो लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं नोएडा में 7 नए मरीज मिले हैं।जबकि निजी अस्पतालों में भर्ती एक दर्जन से अधिक लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस सबसे ज्यादा उन पर घातक साबित हो रहा है जो कि कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं और उन्हें डायबिटीज यानी मधुमेह है।

ब्लैक फंगस ऐसे लोगों के फेफड़ों, आंखों और दिमाग पर असर डाल रहा है और यह उनकी जान पर भारी पड़ रहा है। इसके प्रभाव से लोगों की आंखों में रोशनी भी खत्म हो रही है। यह शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। इससे शरीर के कई अंग बेहद प्रभावित हो सकते हैं। शुक्रवार को मेरठ में इसकी चपेट में आने के बाद एक और झांसी में दो लोगों की मौत हो गई।

ब्लैक फंगस किसे कहते है?

कुछ लोगों को संक्रमण से रिकवर होने के बाद म्यूकोरमाइकोसिस नाम की बीमारी हो रही है। म्यूकोरमाइकोसिस नाम की इस बीमारी को आम भाषा में ब्लैक फंगस कहा जाता है। देश के कई राज्यों में कोरोना से रिकवर लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं। इसके कारण लोगों को अपनी आंखों के साथ-साथ जान भी गंवानी पड़ रही है।

क्या है ब्लैक फंगस और इस पर एक्सपर्ट्स की राय

ब्लैक फंगस नाम की इस बीमारी को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना से रिकवर होने के बाद यह बीमारी उन लोगों में सबसे जल्दी फैल रही है, जो पहले से ही किसी-ना-किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। क्योंकि, उनका इम्युनिटी सिस्टम काफी कमजोर होता है। ब्लैक फंगस नाम की यह बीमारी स्किन, फेफड़ों और दिमाग में फैल रही है। डॉक्टर्स का कहना है कि जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजूबत है, उन्हें इस बीमारी का खतरा काफी कम है।

ब्लैक फंगस के लक्षण

म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस की चपेट में आने के बाद आंख-नाक में दर्द या फिर उनका लाल पड़ जाना, तेज बुखार, सिर में दर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत और खून की उलटियां होने लगती हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के तहत, जिन लोगों को साइनस की समस्या है, उनमें यह इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। डायबिटीज के मरीज सबसे ज्यादा ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं।

वहीं, जिन लोगों को चेहरे की एक तरफ दर्द या फिर सूजन, नाक के ऊपर काली पपड़ी जम जाना, दांत और जबड़े कमजोर होना, आंखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द और थ्रोम्बोसिस जैसी समस्याएं हो रही हैं, उन्हें यह इंफेक्शन हो सकता है।

इस तरह किया जा रहा है ब्लैक फंगस का इलाज: म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस का इलाज यूं तो एंटीफंगल दवाओं के जरिए किया जा रहा है। लेकिन कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ रही है। इसके अलावा इंट्रावेनस, एम्फोटेरिसिन बी और एंटीफंगल थेरेपी के जरिए भी इस बीमारी का इलाज का किया जा रहा है।

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