लखीमपुर खीरी: शव को थाने के सामने रखकर लगाया जाम

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लखीमपुर/गोलागोकर्णनाथ, अमृत विचार। थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव कुइयांडीह में चार दिन पहले हुए खूनी संघर्ष में एक पक्ष के दो लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को विमल कुमार की मौत होने के बाद पुलिस द्वारा दूसरे पक्ष पर गैर इरादतन हत्या में मामला दर्ज किया। इससे भड़के परिवारवाले बड़ी संख्या में ग्रामीणों …

लखीमपुर/गोलागोकर्णनाथ, अमृत विचार। थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव कुइयांडीह में चार दिन पहले हुए खूनी संघर्ष में एक पक्ष के दो लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को विमल कुमार की मौत होने के बाद पुलिस द्वारा दूसरे पक्ष पर गैर इरादतन हत्या में मामला दर्ज किया। इससे भड़के परिवारवाले बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ शव लेकर थाना हैदराबाद गेट पर पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।

थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। वे लोग पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंचे सीओ ने जब गैरइरादतन हत्या में दर्ज मामले को हत्या की धारा में तरमीम कराया तब लोग शांत हुए।

थाना हैदराबाद क्षेत्र के ग्राम कुइंयांडीह निवासी मथुरा प्रसाद वर्मा और अरविंद कुमार वर्मा के खेत आसपास हैं। 16 मई को एक पक्ष के खेत में आवारा जानवर घुस गए थे। उसने इन पशुओं को भगाया तो वे दूसरे पक्ष के खेत में चले गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले जमकर तू-तू मैं-मैं और गाली-गलौज होने लगी। बात इतनी बढ़ गयी कि दोनों में खूनी संघर्ष हो गया। जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस खूनी संघर्ष में एक पक्ष के विमल वर्मा (27), महेश चंद वर्मा (40) वर्ष और दूसरे पक्ष के अरविंद वर्मा, सचिन वर्मा, रोहित वर्मा और उनकी मां निर्मला देवी गंभीर घायल हो गये थे।

सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला लाया गया जहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। हालत ज्यादा गंभीर होने पर महेश वर्मा को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसकी 18 मई को मौत हो गई थी। जिला चिकित्सालय में भर्ती विमल कुमार वर्मा ने भी 19 अप्रैल को दम तोड़ दिया था। दोनों पक्ष सगे-चचेरे हैं। पुलिस ने नामजद आरोपी निर्मला देवी, अरविंद कुमार,सचिन कुमार, रोहित कुमार और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर गैर इरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर चालान कर दिया था।

गुरुवार को आक्रोशित परिवार वाले ग्रामीणों के साथ विमल का शव लेकर थाना हैदराबाद गेट पर पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण हत्या की धारा में केस दर्ज किए जाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस यदि घायलों को समय से अस्पताल भिजवाती तो दोनों की मौत न होती। थाने का घेराव करने में सबसे अधिक संख्या महिलाओं की थी।

सीओ अजय कुमार मल्ल दलबल सहित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हालात बेकाबू होते देख मोहम्मदी और पसगवां की पुलिस को मौके पर बुला लिया। सीओ ने मोहम्मदी प्रभारी निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी के साथ ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर डटे रहे। बाद में पुलिस ने धारा 304 को 302 में तब्दील करके ग्रामीणों को किसी तरह शांत किया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों में करीब 20 वर्ष पूर्व से जमीनी विवाद चला रहा था यह संघर्ष उसी जमीनी विवाद का परिणाम है।