हल्द्वानी: एक ही हफ्ते में सब्जियों के दाम में आया उछाल
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रदेश में कोरोना संक्रमण से सब्जियों के दाम हफ्ते भर बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में सब्जियों के दाम 5 से 15 रुपए तक बढ़ गए हैं। इसमें खास कर पहाड़ों से आने वाली सब्जियों के दाम बढ़े हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के चलते ट्रांसपोर्ट कम …
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रदेश में कोरोना संक्रमण से सब्जियों के दाम हफ्ते भर बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में सब्जियों के दाम 5 से 15 रुपए तक बढ़ गए हैं। इसमें खास कर पहाड़ों से आने वाली सब्जियों के दाम बढ़े हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के चलते ट्रांसपोर्ट कम हो गया है। इससे सब्जियों के दाम लगातार बढ़ गए हैं। लगातार बढ़ रहे सब्जियों के दामों से आम जनता को खासा असर पड़ रहा है। पहले कोरोना संक्रमण और बढ़ते खाद्य सामग्री के दामों से आम जनता पर दोहरी मार पड़ रही है। पिछले एक सप्ताह में आलू, टमाटर, प्याज के दाम 5-8 रुपए तक महंगे हो गये हैं। जबकि मटर, फूल गोभी, शिमला मिर्च के दामों में 10-15 रुपए तक बढ़ोत्तरी हुई है।
सब्जी पिछले सप्ताह, इस सप्ताह (दाम रुपए प्रतिकिलो)
आलू 15-20, 20-25
प्याज 18-22, 22-30
टमाटर 08-10, 10-15
लौकी 20-25, 25-30
मटर 60-70, 70-85
बैंगन 20-25, 25-30
शिमला 30-35, 35-45
फूल गोभी 35-40, 40-45
नींबू 55-60, 60-70
बरसात के सीजन में गिरते हैं सब्जियों के दाम
बरसात के सीजन में सब्जियों के कम हो जाते हैं। इस सीजन में पहाड़ों से पत्ता गोभी, बैंगन, शिमला मिर्च, तोरई, टमाटर की पैदावार अच्छी होती है, और इस पहाड़ों से आने वाली सब्जियां बड़ी मंडियों में पहुंचायी जाती है। और ट्रांसपोर्ट का खर्चा भी कम लगता है। जबकि गर्मियों के मौसम में अधिकांश सब्जियां मैदानी क्षेत्र या अन्य राज्यों से आती है। इसके चलते सब्जियों के दाम भी बढ़ जाते है।
मुख्य बाजार और गली मोहल्ले की दुकानों में 5 से 10 रुपए महंगी बेची जा रही सब्जियां
सब्जियों के बढ़ते दामों को लेकर जिला प्रशासन ने शहरी इलाकों में सभी दुकानकारों को तय रेटों और दुकानों में सब्जियों के दामों लिस्ट जारी करने के आदेश दिए थे। इन आदेशों के तहत शहर के मुख्य बाजारों में दुकानकारों तय दामों में सब्जियां बेच रहे हैं। लेकिन शहर से जुड़े ग्रामीण इलाकों में दुकानकार तय दामों से 5-15 रुपए तक मंहगी सब्जी बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं। शहर के हर चौराहों में सब्जियो के दाम अलग अलग हैं। इससे लोगों को ग्रामीण इलाकों में महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
