बरेली: प्रधानों के करीबी रोजगार सेवकों पर शासन की नजर
बरेली, अमृत विचार। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के शपथ ग्रहण को तीन महीने का समय होने वाला है। प्रशिक्षण मिलने के बाद प्रधानों ने गांवों में विकास कार्य भी शुरू कर दिए हैं। इस बीच शासन ने रोजगार सेवकों से संबंधित जानकारी मांगी है। इसको लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि अगर कोई भी …
बरेली, अमृत विचार। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के शपथ ग्रहण को तीन महीने का समय होने वाला है। प्रशिक्षण मिलने के बाद प्रधानों ने गांवों में विकास कार्य भी शुरू कर दिए हैं। इस बीच शासन ने रोजगार सेवकों से संबंधित जानकारी मांगी है। इसको लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि अगर कोई भी रोजगार सेवक का सगा संबंधी उसी ग्राम पंचायत का प्रधान बना है तो उसको दूसरे गांव में तैनाती दी जाए।
डीसी मनरेगा गंगाराम वर्मा का कहना है कि हाल में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों का कोई भी सगे-संबंधी जैसे पिता, माता, दादा, ससुर, पुत्र, पौत्र, दामाद, पुत्र वधु, बहन, पति-पत्नी तथा पुत्री रोजगार सेवक होगा तो उसे दूसरी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान की स्वीकृति के बाद तैनाती दी जाएगी। शासन के निर्देश पर जिले के समस्त बीडीओ को पत्र जारी कर ऐसे रोजगार सेवकों की जानकारी मांगी गई है।
शासन स्तर तक पहुंची शिकायतें
अक्सर ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच उपरांत रोजगार सेवक की मिलीभगत भी सामने आती है। इतना ही नहीं रोजगार सेवकों के करीबी ठेकेदारों से माल मंगाया जाता है। इस तरह की तमाम शिकायतें शासन स्तर पर भी होती रहीं। इसके चलते शासन ने सात बिंदुओं की जानकारी मांगी है। विभागीय कर्मियों की मानें तो नवनिर्वाचित प्रधानों के सगे-संबंधी रोजगार सेवकों की शासन स्तर से सूची मांगने से उनमें हड़कंप मचा है। कारण यह है कि कई रोजगार सेवक एक ही ग्राम पंचायत में लंबे समय से तैनात हैं। तमाम रोजगार सेवक तो उसी ग्राम पंचायत के रहने वाले भी हैं।
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