बदायूं: जांच में दोषी मिला लेखपाल निलंबित, दूसरे की जांच के आदेश
दातागंज/बदायूं, अमृत विचार। एसडीएम पारस नाथ मौर्य ने एक लेखपाल को शिकायत निस्तारण में दोषी पाए जाने पर उसको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जबकि एक अन्य लेखपाल के विरुद्ध शासकीय कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर तहसीलदार से जांच आख्या तलब कर विभागीय कार्रवाई करने को कहा है। एसडीएम ने जांच में पाया …
दातागंज/बदायूं, अमृत विचार। एसडीएम पारस नाथ मौर्य ने एक लेखपाल को शिकायत निस्तारण में दोषी पाए जाने पर उसको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जबकि एक अन्य लेखपाल के विरुद्ध शासकीय कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर तहसीलदार से जांच आख्या तलब कर विभागीय कार्रवाई करने को कहा है।
एसडीएम ने जांच में पाया कि लेखपाल रजनीश कुमार अलापुर ने वार्ड नंबर 11 निवासी राम विलास गुप्ता पुत्र जीवा राम गुप्ता के आवेदन में दर्शाई हैसियत के मूल्याकंन में आवेदक की सम्पत्ति को दो जुलाई 2020 को 26,55,367 रुपये, 22 सितम्बर 2020 को इसी सम्पत्ति का मूल्याकंन 16,71,128 दर्शाया।
इसी प्रकार तीसरी बार इसी सम्पत्ति का मूल्याकंन 3,81,785 किया गया। एक ही सम्पत्ति का मूल्याकंन तीन बार कर आख्या विसंगति पूर्ण प्रेषित की गई और इसकी अंतिम आख्या के आधार पर आवेदक का हैसियत प्रमाण-पत्र निर्गत कर दिया गया। इस प्रकार लेखपाल रजनीश कुमार द्वारा एक ही सम्पत्ति का तीन बार अलग-अलग मूल्याकंन रिपोर्ट दिए जाने की जांच में दोषी पाए जाने पर एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया और राजस्व निरीक्षक कार्यालय से सम्बध कर तहसीलदार को जांच अधिकारी नियुक्ति किया गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री कृषक दुघर्टना बीमा योजना के तहत रामरत पत्नी चन्द्र पाल निवासी मुड़सेना कलां का 27 जुलाई 2020, एवं सोमवती पत्नी सत्यवीर गांव बची झझरुऊ का 27 अक्टूबर 2009 का आवेदन एडीएम वित्त एवं राजस्व को भेजा गया लेकिन पटल सहायक नितिन रस्तोगी ने दोनो आवदेन प्राप्त न होना बताया।
जबकि दैवी आपदा के तहत राजवीर सिंह पुत्र राम भरोसे निवासी करौरी मजरा खेड़ा जलालपुर के घर में 24 अक्टूबर 2020 को हुए अग्नि कांड में मरी भैंस की सहायता का प्रकरण नौ माह से लम्बित है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने लेखपाल गुलाब सिंह की शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता के चलते तहसीलदार से जांच आख्या तलब कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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