यूपी: भाजपा के लिए आसान नहीं ‘ऊर्जा भूमि’ प्रयाग, कई मौजूदा व पूर्व पदाधिकारी भी विरोध में
लखनऊ। 2017 विधानसभा चुनाव में प्रयाग की जिस भूमि से ऊर्जावान होकर भाजपा सत्ता में आई है। उसी भूमि से अब उसे चुनौतियां मिल रही हैं। पार्टी के ही एक नेता जहां उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की डिग्रियों को फर्जी बताकर कोर्ट पहुंच गए हैं। वहीं कई अन्य पदाधिकारी व पूर्व पदाधिकारी सरकार के …
लखनऊ। 2017 विधानसभा चुनाव में प्रयाग की जिस भूमि से ऊर्जावान होकर भाजपा सत्ता में आई है। उसी भूमि से अब उसे चुनौतियां मिल रही हैं। पार्टी के ही एक नेता जहां उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की डिग्रियों को फर्जी बताकर कोर्ट पहुंच गए हैं। वहीं कई अन्य पदाधिकारी व पूर्व पदाधिकारी सरकार के फैसलों को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रयागराज को ही अपना केंद्र बनाया था। देश को कई नेतृत्व प्रदान करने वाली इस धरा पर ही पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यसमिति का आयोजन किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशाल जनसभा का भी आयोजन किया था। यही वजह रही कि कभी कांग्रेस का गढ़ रहे इस क्षेत्र से कांग्रेस के पांव पूरी तरह उखड़ गए और भाजपा पूरी तरह से काबिज हो गई। प्रदेश में भी भारी बहुमत के साथ भाजपा सरकार में आई।
फूलपुर लोक सभा सीट से सांसद रहे केशव प्रसाद मौर्या को जब पार्टी ने उप मुख्यमंत्री बनाया तो लगा कि पार्टी यहां और मजबूत हो रही है, लेकिन जिस तरह भाजपा नेता ही बगावती मूड में दिख रहे हैं। उससे भाजपाई रणनीतिकारों की परेशानी पर बल पड़ना स्वाभाविक है। क्योंकि भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रहे दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने उप मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वे उनकी डिग्रियों को फर्जी बताते हुए कोर्ट पहुंच गए हैं।
उधर, काशी के क्षेत्रीय संयोजक देवेंद्र नाथ मिश्र सोशल मीडिया पर पार्टी की कई नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी के करीबी मिश्र ने तो एक फेसबुक पोस्ट के जरिए ब्राह्मण मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग भी उठाई। जिसका अनेक पदाधिकारियों ने समर्थन भी किया। इसी तरह पूर्व जिला महामंत्री राजेंद्र पांडेय भी लगातार जातिवादी राजनीति के विरोध में सोशल मीडिया पर मुखर हैं।
कौन हैं दिवाकर नाथ
दिवाकर नाथ त्रिपाठी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे और चार बार विधानसभा अध्यक्ष रहे केसरीनाथ त्रिपाठी के भतीजे हैं। वह खुद भाजपा में बेहद सक्रिय रहे हैं। काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष रहते हुए वह फूलपुर लोकसभा सीट से टिकट के दावेदार भी रहे हैं।
आचार्य चाणक्य के परिवार से हूं, चंद्रगुप्त मौर्य यदि मदांध हो जाए तो दूसरे चंद्रगुप्त का निर्माण करना जानता हूं। इसी दिशा में सतत संघर्षरत हूं। कोर्ट में मेरे द्वारा प्रस्तुत सारे साक्ष्य सही और तथ्यात्मक हैं – दिवाकर नाथ त्रिपाठी, पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा।
