गोरखपुर: शिलान्यास पर डीडीयू के कुलपति ने जताई खुशी, कहा…
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने कहा है कि महायोगी गुरू गोरखनाथ के नाम पर स्थापित महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय पब्लिक सेक्टर और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय प्राइवेट सेक्टर के ऐसे विशेष विश्वविद्यालय हैं। जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखकर हजारों वर्षों पुरानी भारतीय चिकित्सा पद्वति और आयुर्वेद …
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने कहा है कि महायोगी गुरू गोरखनाथ के नाम पर स्थापित महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय पब्लिक सेक्टर और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय प्राइवेट सेक्टर के ऐसे विशेष विश्वविद्यालय हैं। जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखकर हजारों वर्षों पुरानी भारतीय चिकित्सा पद्वति और आयुर्वेद को लोकप्रिय बनाने के साथ साथ जन उपयोगी बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह में शामिल होने गए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के तैयारियों की समीक्षा के लिए शासन की ओर से गठित पांच सदस्यीय कमेटी के नामित चेयरमैन और गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने कहा कि महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय नर्सिंग, आयुर्वेद के साथ साथ विज्ञान, मेडिसिन और मार्केट पर आधारित कोर्स विद्यार्थियों को देने जा रहा है। जो कि पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा का अद्भुत संगम होगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के हर बेड पर लाइफ स्पोर्ट सिस्टम ऑक्सीजन के साथ उपलब्ध है। हर तल पर आधुनिक डायग्नोस्टिक, मॉडन फार्मेसी और मॉडन पैथोलोजी मौजूद है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में तकरीबन नौ दशक गोरक्षपीठ शिक्षा का उजाला फैला रही है। अब महायोगी गुरु गोरखनाथ के नाम पर दो नए विश्वविद्यालय गोरखपुर को सिटी ऑफ नॉलेज बनाने में सहायक होंगे।
