बरेली: अमृत विचार ने मूर्तिकारों का दर्द बताया, हम मिलकर दूर कराएंगे
बरेली, अमृत विचार। जन्माष्टमी के मौके पर मूर्तिकारों ने आर्थिक तंगी दूर करने के लिए बड़ी संख्या में कर्ज और जेवर गिरवी रखकर राधा कृष्ण की मूर्तियां बनायीं लेकिन ग्राहकों के नहीं आने से मूर्तिकार परेशान हैं। मूर्तियां नहीं बिकीं तो वे कर्ज में और डूब जाएंगे। मूर्तिकारों की इस पीड़ा को शनिवार के संस्करण …
बरेली, अमृत विचार। जन्माष्टमी के मौके पर मूर्तिकारों ने आर्थिक तंगी दूर करने के लिए बड़ी संख्या में कर्ज और जेवर गिरवी रखकर राधा कृष्ण की मूर्तियां बनायीं लेकिन ग्राहकों के नहीं आने से मूर्तिकार परेशान हैं। मूर्तियां नहीं बिकीं तो वे कर्ज में और डूब जाएंगे। मूर्तिकारों की इस पीड़ा को शनिवार के संस्करण में ‘अमृत विचार’ ने प्रमुखता से उठाया। इसके बाद जिसने मूर्तिकारों की खबर पढ़ी।
उन्हें लगा कि लोगों को यदि जागरूक करेंगे तो लोग मूर्तिकारों की मूर्तियां खरीदने जरूर जाएंगे। इसी सोच के साथ उड़ान एक प्रयास एक सामाजिक संस्था की अध्यक्ष नीलिमा पाठक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अमृत विचार की खबर की कटिंग डालकर मूर्तिकारों के प्रति आमजन को खींचने के लिए पोस्ट लिखी।
कहा कि अमृत विचार समाचार पत्र ने इन मूर्तिकारों के दर्द को हम सब तक पहुंचाने का पावन कार्य किया है। अब हम सबका दायित्व बनता है कि हम मूर्तिकारों के दर्द को समझकर इनसे कम से कम दो- दो मूर्तियां खरीदकर इनका सहयोग करें। उन्होंने बरेली के लोगों से अपील की है कि हम सब तो अपने घरों में त्योहार मना रहे हैं। हम सभी को मिलकर इनके चेहरे की खुशी लौटानी है।
नीलिमा पाठक की इस पोस्ट पर तरुन पाठक, ब्रिजेश पाठक, अर्पिता शर्मा, तन्वी आकाश, रामा शर्मा, अंकिता, सोनल मिश्रा ने मूर्तिकारों से मूर्तियां खरीदने और लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया है।
