मुरादाबाद: विरोध के बाद ठंडा पड़ गया डूब क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाने का अभियान
मुरादाबाद, अमृत विचार। रामगंगा नदी के किनारे जिगर कालोनी से जामा मस्जिद तक डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को ढहाने का अभियान फिलहाल विरोध के बीच ठंडा पड़ गया। दो दिन चक्कर की मिलक व बरवालान में चले अभियान के बाद क्षेत्रीय लोग व सपाई विरोध पर सड़कों पर उतर आए। अफसरों पर गंभीर …
मुरादाबाद, अमृत विचार। रामगंगा नदी के किनारे जिगर कालोनी से जामा मस्जिद तक डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को ढहाने का अभियान फिलहाल विरोध के बीच ठंडा पड़ गया। दो दिन चक्कर की मिलक व बरवालान में चले अभियान के बाद क्षेत्रीय लोग व सपाई विरोध पर सड़कों पर उतर आए। अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने अभियान को गलत बताते हुए गरीबों को बेघर करने का आरोप लगाया। सांसद डा. एसटी हसन ने भी अभियान बंद कराने के लिए डीएम से मुलाकात की। भारी विरोध के बाद फिलहाल यह अभियान रोक दिया गया है।
मंडलायुक्त के आदेश पर हुआ था चिह्नीकरण
रामगंगा नदी का किनारा डूब क्षेत्र में आता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण कराना अवैध है। इतना ही नहीं नदी किनारे की करीब 74 मीटर जमीन तटबंध के लिए आरक्षित है। रामगंगा नदी में आने वाली बाढ़ से होने वाली जन-धन हानि को रोकने के लिए यहां पर करीब 12 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए वर्ष 2012 में एमडीए की बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव भी पास हो चुका है।
इसके बाद भी भूमाफिया ने अफसरों से मिलीभगत करके जिगर कालोनी से लेकर बंगलागांव, दसवां घाट, नवाबपुरा, काली मंदिर, जामा मस्जिद, वारसी नगर और बरवालान से लेकर कटघर तक डूब क्षेत्र में अवैध कब्जा कर जमीन लोगों को बेच दी। इसके बाद खरीददारों ने यहां पर अपने आवास बनाकर रहना शुरू कर दिया। इधर बारिश के बीच बढ़ रही बाढ़ की आशंका के मद्देनजर डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण की शिकायत मंडलायुक्त से की गई। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण आयोग को अवैध कब्जों को चिह्नित करने के आदेश दिए। विभागीय सूत्रों के अनुसार टीम ने जिगर कालोनी से जामा मस्जिद तक डूब क्षेत्र में हुए करीब चार हजार अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं।
आठ मकान व एक बैंक्वेट हाल समेत 57 अवैध निर्माण किए ध्वस्त
चिह्नीकरण के बाद मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह की अध्यक्षता में नगर निगम, तहसील और बाढ़ नियंत्रण आयोग के अफसरों की एक संयुक्त टीम का गठन कर दिया था। टीम ने बुधवार को पहले चक्कर की मिलक में अवैध निर्माण ध्वस्त कराए। अगले दिन बरवालान में अफसरों ने भारी फोर्स के साथ अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाया। टीम ने एक बैंक्वेट हाल, आठ मकान समेत करीब 57 अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
दो दिन चले अभियान के दौरान अफसरों ने करीब 12 करोड़ की भूमि को अवमुक्त कराया था। हालांकि लगातार दो दिन चले अभियान के बाद क्षेत्रीय लोगों के साथ सपाई सड़कों पर उतर आए थे। उन्होंने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए गरीबों को बेघर करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि अगर मकान अवैध थे तो जब निर्माण हो रहा था तभी रोक देना चाहिए। सांसद डा. एसटी हसन ने भी क्षेत्रीय लोगों के साथ मिलकर डीएम से मुलाकात कर अभियान को गलत बताते हुए रोकने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने मकानों की रजिस्ट्री भी दिखाई थी, भारी विरोध के बीच फिलहाल अभियान ठंडा पड़ गया है।
त्योहार के मद्देनजर फिलहाल उच्चाधिकारियों के आदेश पर अभियान रोक दिया गया है। अफसरों का आदेश मिलते ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू की जाएगी। अनिल कुमार सिंह अपर नगर आयुक्त
