बरेली: पत्नी की हत्या करने वाले पति को दस वर्ष कैद

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

विधि संवाददाता, अमृत विचार, बरेली। पत्नी की फंदा लगाकर हत्या करने वाले विनोद निवासी राघवपुर भुता को सत्र परीक्षण में दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय-प्रथम निर्दोष कुमार ने दस वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये कुल अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अदालत ने मृतका की सास मीना उर्फ विमला देवी व देवर सुनील …

विधि संवाददाता, अमृत विचार, बरेली। पत्नी की फंदा लगाकर हत्या करने वाले विनोद निवासी राघवपुर भुता को सत्र परीक्षण में दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय-प्रथम निर्दोष कुमार ने दस वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये कुल अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अदालत ने मृतका की सास मीना उर्फ विमला देवी व देवर सुनील को दोषमुक्त कर दिया।

एडीजीसी क्राइम संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि मृतका किरन की मां मुन्नी देवी ने थाना भुता में तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी बेटी की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व विनोद से की थी। बेटी के ससुरालवाले दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। दामाद बेटी को आए दिन मारता पीटता था। 22 अक्टूबर 2013 को विनोद ने नोएड़ा में किरन को फंदा लगाकर मार दिया और उसकी लाश को बिना बताए अपने गांव लाकर अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली।

तहरीर पर पुलिस ने पति, सास-ससुर व देवर के विरूद्व दहेज हत्या, उत्पीड़न की संगीन धाराओ में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। सत्र परीक्षण के दौरान ही ससुर की मृत्यु हो जाने पर अदालत ने उनको केस से मुक्त कर दिया था। अभियोजन की ओर से कथानक के समर्थन में 10 गवाह परीक्षित कराये गये जबकि बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाह पेश किये गये थे।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सत्र परीक्षण के दौरान तर्क दिया था कि मृतका ने नौकरी किये जाने से मना करने से नाराज होकर स्वयं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं बचाव पक्ष के गवाह तौलेराम ने बयान दिया था कि वह लोग नट जाति के हैं। उनमें लड़की पक्ष को पैसा दिया जाता है। उसी रकम से बेटी का विवाह किया जाता है, दहेज नहीं लिया जाता है।

संबंधित समाचार