सीतापुर: किशोर-किशोरियों को परिवार नियोजन की जानकारी देंगी काउंसलर
सीतापुर। किसी किशोरी का मां बनना, न सिर्फ उसकी बल्कि उसके होने वाले बच्चे की भी जान के लिए खतरा है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि किशोर-किशोरियों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य की जानकारी के साथ ही उन्हें परिवार नियोजन के बारे में भी बताया जाए। दो बच्चों के बीच में कम से …
सीतापुर। किसी किशोरी का मां बनना, न सिर्फ उसकी बल्कि उसके होने वाले बच्चे की भी जान के लिए खतरा है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि किशोर-किशोरियों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य की जानकारी के साथ ही उन्हें परिवार नियोजन के बारे में भी बताया जाए। दो बच्चों के बीच में कम से कम 3 साल का अंतर होना जरूरी है, ऐसा न होने से दोनों बच्चों के समुचित विकास में बाधा पड़ती है। बास्केट ऑफ च्वॉइस में परिवार नियोजन के अस्थायी और स्थायी साधन उपलब्ध हैं।
आप सभी काउंसलर्स का दायित्व है कि कोई भी जब आपके पास सलाह के लिए आता है, या फिर आप लोग समुदाय में जाते हैं तो इसकी जानकारी संबंधित लोगों को दें, जिससे वह अपनी सुविधानुसार परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों का उपयोग कर सकें। यह बात एसीएमओ डॉ. कमलेश चंद्रा ने ने सीएमओ कार्यालय में आयोजित एएफएचएस (अर्श) काउंसलर और आरएमएनसीएचए (परिवार नियोजन) काउंसलर के एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कहीं।
उन्होंने बताया कि किशोर-किशोरियों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य की जानकारी देने के साथ ही लक्षित दंपति को परिवार नियोजन के लाभों के बारे में और भी बेहतर तरीके से जानकारी देने को लेकर अब एएफएचएस (अर्श) काउंसलर और आरएमएनसीएचए (परिवार नियोजन) काउंसलर एक मंच पर आ रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की इस योजना को अमली जामा पहनाने की सूबे में तैयारियां तेज हो चली हैं। इसी क्रम में परिवार नियोजन और अर्श काउंसलर का एक दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण पिछले दिनों सीएमओ ऑफिस में आयोजित किया गया। जिसमें इन काउंसलर को एक दूसरे के कामों, कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी दी गई।
इन्हें बताया गया कि समुदाय में इन्हें इस तरह से लोगों को बातचीत कर योजना से संबंधित जानकारी देनी है। इस मौके पर सभी काउंसलर को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। परिवार नियोजन प्रबंधक जावेद खान ने बताया कि जिला चिकित्सालयों सहित सीएचसी पर तैनात अर्श काउंसलर और परिवार नियोजन काउंसलर उन्हें बेहतर सलाह देकर उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन से संबंधित अपने मूलमंत्र आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी-सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी, को अधिक से अधिक लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए इस प्रशिक्षण का आयोजन किया। जिसमें जिला चिकित्सालयों और ब्लॉक सीएचसी सहित जिले भर में कुल 21 अर्श काउंसलर और 13 परिवार नियोजन काउंसलर ने प्रतिभाग किया।
