मंहत केस: सीबीआई को शिष्य और सेवादारों की भूमिका पर नजर, जानें वजह?
लखनऊ। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने तेजी से शुरू कर दी है। सीबीआई की नजर मंहत के शिष्यों और सेवादारों पर है। उनकी हर भूमिका की जांच सीबीआई कर रही है। रविवार को को सीबीआई की टीम ने बाघंबरी गद्दी मठ के कमरे में घटना …
लखनऊ। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने तेजी से शुरू कर दी है। सीबीआई की नजर मंहत के शिष्यों और सेवादारों पर है। उनकी हर भूमिका की जांच सीबीआई कर रही है। रविवार को को सीबीआई की टीम ने बाघंबरी गद्दी मठ के कमरे में घटना का तीन बार रिक्रिएशन कर सच फांसी का सच जानने का प्रयास किया।
इस दौरान मंहत के 85 किलो के पुतले को रस्सी से लटकाकर सेवादारों से से तीन बार उतरवाया।इस दौरान टीम ने सेवादारों की पूरी कार्यप्रणाली पर निगारनी रखी।इसे वीडियो कैमरे में भी रिकार्ड किया गया। इससे पहले सीबीआई ने महंत नरेन्द्र के शिष्य बलवीर गिरी से एक घंटे पूछताछ शनिवार को थी। पूछताछ में बलवीर ने कहा था कि उस दिन वह महंत के कमरे नहीं था। वीडियो में जो संत उनकी तरह दिख रहे हैं, वे अमर गिरि थे।
सीबीआई ने वीडियो परीक्षण भी किया है, अब सीबीआई 25 लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांश टीम दिया है, इसमें बलवीर गिरी का भी नंबर है। बता दें कि महंत नरेंद्र गिरि की 20 सितंबर को मौत हुई थी। उनका शव मठ के एक कमरे में फंदे पर लटका मिला था। 11 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था। इसमें उनके शिष्य आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के प्रमुख पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी का जिक्र था। तीनों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। फिलहाल तीनों जेल में हैं।
सभी के बयानों की होगी समीक्षा
सीबीआई सभी सेवादारों और शिष्यों के बयानों को एक-एक बिंदु को नोट किया है, कुछ बयान कैमरे की निगरानी में लिए गये है। अब इन बयानों का सीबीआई परीक्षण करेगी। उसके बाद सभी के दोबारा बयान लिए जायेंगे। वहीं रिक्रिएशन से सीबीआई यह पता करना चाहती है कि क्या इतनी पतली रस्सी 85 किलो का भार उठा सकती है या नहीं?
सुमित का जब्त किया गया मोबाइल
घटन के दिन रस्सी से महंत का शव सेवादार सुमित ने उतारा था। इस घटना के बाद से सुमित ने किस किस से बात की है, सीबीआई के लिए ये जानना भी अहम हैं, ऐसे में उसका मोबाइल जब्त कर लिया है। इसी मोबाइल के कवर में एक सिमकार्ड भी था उसे भी ले लिया गया है।
इनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में
सीबीआई को महंत के सेवादार रहे बबलू, सुमित और धनंजय की भूमिका पर संदेह है। ऐसे में इनको नजरबंद किया गया है, साथ ही इनसे पूछताछ भी की गयी है। इससे पहले सीबीआई बबलू को अपने साथ लेकर महंत के उस कमरे में भी गयी थी जहां जहां उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की थी।
मिठाई के डब्बे का कनेक्शन भी तलाशेगी सीबीआई
महंत नरेंद्र गिरि ने जिस कमरे में कथित तौर पर सुसाइड किया था, उसकी मेज पर एक मिठाई का थैला और खाली डिब्बा मिला था। जिस पर अलवर, राजस्थान लिखा हुआ था। आनंद गिरि भी राजस्थान का रहने वाला है। ऐसे में मिठाई का डब्बा कौन लाया, क्या मिठाई महंत ने भी खायी थी ये अपने में सवाल है।
