मन की बात में प्रधानमंत्री ने बरेली की शिक्षिका के काम को सराहा

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बरेली, अमृत विचार। प्राथमिक विद्यालय डभौरा गंगापुर की प्रधानाध्यापिका दीपमाला पांडेय के वन टीचर वन काल अभियान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में सराहना की और कहा कि प्रधानाध्यापिका के इस अभियान की वजह से कोरोना काल में दिव्यांग बच्चों का एडमिशन कराया गया। इस अभियान से जुड़े शिक्षक अपने आसपास के …

बरेली, अमृत विचार। प्राथमिक विद्यालय डभौरा गंगापुर की प्रधानाध्यापिका दीपमाला पांडेय के वन टीचर वन काल अभियान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में सराहना की और कहा कि प्रधानाध्यापिका के इस अभियान की वजह से कोरोना काल में दिव्यांग बच्चों का एडमिशन कराया गया। इस अभियान से जुड़े शिक्षक अपने आसपास के दिव्यांग बच्चों को स्कूल में दाखिला कराना सुनिश्चत करते हैं जो एक अच्छा प्रयास है।

दीपमाला पांडेय ने बताया कि वह पिछले साल से बच्चों के लिए काम कर रही हैं। उन्होनें बताया कि 2018 में अनमोल का नाम दिव्यांग छात्र अपने अभिभावक के साथ हमारे विद्यालय में दाखिला कराने के लिए आए। अनमोल सुन सकता है लेकिन कुछ बोल नहीं सकता इसलिए मेरे मन में विचार आया कि इसके लिए कुछ अलग किया जाए। फिर मैंने दिव्यांग बच्चों के लिए अलग- अलग तरीके से पढ़ाया। जिसके माध्यम से अनमोल ने चीजों को सीखा उसके बदलाव को देखकर हमने और मेहनत की।

उसके बाद दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए मार्च 2020 में पहल का नाम वन टीचर, वन काल नाम देकर इसे अभियान के रूप शुरू किया। उन्होंने अपने साथ वाले शिक्षकों को जोड़कर अपील की कि एक शिक्षक कम से कम एक दिव्यांग छात्र-छात्रा का स्कूल में दाखिला कराएं। जिससे सामान्य बच्चों की तरह दिव्यांग बच्चे भी शिक्षा से जुड़कर अपनी मंजिल पा सकें।

पांच जिलों से करीब 350 शिक्षक जुड़ चुके हैं
दीपमाला ने बताया कि पीलीभीत, शाहजहांपुर, अयोध्या, फरूखाबाद, बरेली से करीब 350 शिक्षक- शिक्षिकाएं वन टीचर वन काल से जुड़ चुके हैं। शिक्षकों के द्वारा करीब 600 दिव्यांग बच्चों को इस पहल से जोड़ा जा चुका है।

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