मुरादाबाद: जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़, व्यवस्था बनाने में होमगार्ड परेशान

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मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला अस्पताल में मंगलवार को भी मरीजो की भीड़ रही। पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण कक्ष, चिकित्सक कक्ष और पैथालॉजी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। रोगियों को नियंत्रित करने में होमगार्ड के पसीने छूट रहे थे। महिला मरीज भी पहले दिखाने व दवा लेने के लिए धक्का मुक्की करतीं रहीं। अस्पताल की …

मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला अस्पताल में मंगलवार को भी मरीजो की भीड़ रही। पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण कक्ष, चिकित्सक कक्ष और पैथालॉजी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। रोगियों को नियंत्रित करने में होमगार्ड के पसीने छूट रहे थे। महिला मरीज भी पहले दिखाने व दवा लेने के लिए धक्का मुक्की करतीं रहीं।

अस्पताल की ओपीडी में 1400 नये और चार सौ से अधिक पुराने मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें दो सौ से अधिक बुखार, खांसी, सर्दी जुकाम और सांस फूलने से संबंधित रहे। भीड़़ में कोविड नियम धरे के धरे रहे। कई बिना मास्क के ही लाइन में लगे रहे। कुछ को चिकित्सकों ने मास्क लगाकर आने पर ही परामर्श देने की बात कही।

दवा वितरण काउंटर पर लाइन तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश में महिलाएं धक्का मुक्की करने लगीं। उन्हें समझाने पर वह होमगार्ड से भी बहस करने लगीं। माइक से लाइन में लगने और मास्क लगाने की अपील भी बेअसर साबित हो रही थी।

बालरोग विशेषज्ञ डाँ वीर सिंह की ओपीडी में 135 मासूम मरीजों में से अधिकांश वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम, डायरिया से पीड़ित रहे। पैथोलॉजी में 180 मरीजों ने जांच के लिए सैंपल दिया था। पैथालॉजिस्ट डाँ शिल्पा अग्रवाल ने बताया कि इन दिनों हर दिन डेढ़ सौ अधिक सैंपल एकत्र हो रहे हैं। जांच कर अगले दिन रिपोर्ट दे दी जाती है। बुखार के मरीजों में डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच भी कर रहे हैं

फीवर हेल्प डेस्क पर फील्ड वर्कर मलेरिया विभाग के कमल किशोर ने बुखार के 12 मरीजों का विवरण दर्ज किया था। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाँ राजेंद्र कुमार ने बताया कि संक्रामक बीमारियों के मरीज अधिक आ रहे हैं। इसलिए चिकित्सक उन्हें सफाई रखने और एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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