इस्तीफे के बाद सिद्धू ने तोड़ी चुप्पी, राज्य के पुलिस महानिदेशक, महाधिवक्ता की नियुक्ति पर उठाए सवाल

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चंडीगढ़। कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष के पद से अचानक इस्तीफा देने के एक दिन बाद चुप्पी तोड़ते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने पुलिस महानिदेशक और राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्तियों पर बुधवार को सवाल उठाए। राज्य में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस को एक नए संकट में डालते हुए, सिद्धू ने …

चंडीगढ़। कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष के पद से अचानक इस्तीफा देने के एक दिन बाद चुप्पी तोड़ते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने पुलिस महानिदेशक और राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्तियों पर बुधवार को सवाल उठाए। राज्य में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस को एक नए संकट में डालते हुए, सिद्धू ने चरणजीत सिंह चन्नी कैबिनेट के नए मंत्रियों को विभागों के आवंटन के तुरंत बाद मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया।

सिद्धू ने बुधवार को ट्विटर पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, ”हक़-सच की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ता रहूंगा ।” उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई पंजाब के मुद्दों और राज्य के एजेंडा को लेकर है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को पंजाब पुलिस के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

सहोता का स्पष्ट तौर पर जिक्र करते हुए, सिद्धू ने कहा, ” जिन्होंने छह साल पहले बादल को क्लीन चिट दी थी। ऐसे लोगों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी दी गई है।” सहोता बेअदबी की घटनाओं की जांच के लिए तत्कालीन अकाली सरकार द्वारा 2015 में गठित एक विशेष जांच दल के प्रमुख थे। सिद्धू ने ए पी एस देओल की राज्य के नए महाधिवक्ता के रूप में नियुक्ति पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, ” जिन लोगों ने ‘पक्की जमानत’ दिलाई है, वे महाधिवक्ता बनाए गए हैं।” देओल पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के वकील रह चुके हैं। वह पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी का उनके खिलाफ कई मामलों में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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