बरेली: किचन गार्डन में सब्जियों का उत्पादन कर थाली में पोषण परोस रहीं गृहणियां

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Edited By Amrit Vichar
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शिवांग पांडेय, अमृत विचार, बरेली। इन दिनों मेरी हर सुबह घर की छत पर बने किचन गार्डन में गुजरती है। सब्जी के पौधों पर कुछ न कुछ नया उगते देख मन को बेहद सुकून मिलता है। प्रकृति के इन उपहारों को देख हर सुबह ईश्वर को धन्यवाद कहती हूं कि मुझे घर की ताजा सब्जियां …

शिवांग पांडेय, अमृत विचार, बरेली। इन दिनों मेरी हर सुबह घर की छत पर बने किचन गार्डन में गुजरती है। सब्जी के पौधों पर कुछ न कुछ नया उगते देख मन को बेहद सुकून मिलता है। प्रकृति के इन उपहारों को देख हर सुबह ईश्वर को धन्यवाद कहती हूं कि मुझे घर की ताजा सब्जियां खाने को मिल रही हैं। इन दिनों सब्जी वालों से कुछ भी लेते हुए डर लगता है, ऐसे में मेरे घर में उगी सब्जियां ही मेरा सहारा हैं। यह कहना है महानगर में रहने वाले गृहणियों का। उनके अनुसार बागवानी का शौक शुरू से ही रहा है। इसलिए छत पर आधुनिक रूफटॉप किचन गार्डन बनाया है। इससे हमारी समस्या का समाधान भी निकला और शौक भी पूरा हुआ है।

महानगर निवासी सुनीता सिंह बताती है कि उन्होंने वर्ष 2016 में पहली बार किचन गार्डन बनाया। उन्होंने बताया कि बेहतर तरीके से सब्जियों के उत्पादन के लिए उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र जाकर परामर्श लिया। जहां उन्हें मौसम के अनुरुप सब्जियों की खेती, लागत, सीमित मात्रा में खाद, कीटनाशक से कैसे बचाएं आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेषज्ञों से सुझाव लिया। किचन में प्रयोग होने वाली चीजें जैसे, बाल्टी, बोरा, गमले आदि को व्यवस्थित कर उन्होंने सबसे पहले टमाटर, बैंगन की खेती शुरु की।

उन्होंने लौकी, तुराई आदि सब्जियों के बारे में भी जानकारी जुटाकर खेती करना शुरु की। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में खुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर करने के लिए किचन गार्डन एक बेहतर विकल्प है। जिससे परिवार को सेहतमंद व बिना कीटनाशक छिड़काव की सब्जियों से पौष्टिकता भी मिलती है।

आसानी से उगेंगी ये सब्जियां
कृषि विज्ञान केंद्र के बागवानी विशेषज्ञ डा. रंजीत सिंह ने बताया कि किचन गार्डन में पालक, मेथी, गोभी, पत्ता गोभी, टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च, लहसुन, धनिया पत्ती, सलाद का पत्ता, तोरी, लौकी, कद्दू, करेला, गाजर, मूली, भिंडी, आदि सब्जियों के अलावा करी पत्ता, पुदीना, नीबू आदि भी लगा सकती हैं। किचन गार्डन में ऐसी सब्जियों को उगायें, जो एक ही बार में खत्म न हों। अगर चार-पांच पौधे बैंगन, भिंडी, टमाटर आदि लगा दिये हैं, तो इससे आपके खाने भर की सब्जियां निकल जायेंगी।

इसके साथ ही आपको सब्जियों को किस चीज में उगाना है, इस बात का पहले से ही निर्धारण कर लें। एक दो-पौधे लगाने के लिए छोटे गमले का इस्तेमाल करें। गमले के तौर पर आप घर में पड़े प्लास्टिक का टब, बाल्टी आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है। पर, इनका इस्तेमाल गमले के रूप में करने से पूर्व आपको इसमें छेद करना होगा ताकि पौधे सांस ले सकें और आपकी सब्जियां अच्छे से पोषण पा सकें। पालक, मेथी आदि को किश्तीनुमा गमले में लगायें।

किचन गार्डन ने बच्चों को जोड़ा प्रकृति से
पर्यावरण के सुधार के लिए जरूरी है कि सभी साथ मिलकर प्रयास करें। इसी सोच और दूरदर्शिता को दिखाते हुए महानगर निवासी सोनप्रभा सुमन ने बताया कि घर की छत पर जैविक सब्जियां उगाते समय बच्चों में भी उत्सुकता देखने को मिली। उन्होंने बताया कि छत पर सब्जियां उगाने से न केवल बच्चे ताजी सब्जियां खाने के लिए प्रेरित हुए हैं, बल्कि वे प्रकृति के नजदीक भी आए हैं।

स्नेहलता सिंह ने बताती हैं कि कोरोना संक्रमण के कहर ने मनुष्य को प्रकृति के महत्व का बोध अच्छी तरह करवा दिया है साथ ही अपनी सेहत के प्रति सभी को सजग बना दिया है। हमने बहुत बार सुना था ‘जान है तो जहान है’, लेकिन इसके सही मायने अब हर कोई महसूस कर रहा है। इस दौर ने सात्विक व सुरक्षित भोजन की जरूरत के प्रति जागरूक किया है। यही कारण है कि हम किचन गार्डन के माध्यम से सुरक्षित भोजन के साथ ही पौष्टिकता को भी मजबूत कर पाते हैं।

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