मुरादाबाद : प्यार की जंग जीती, पर सपना बन जाएगा खुद के पैरों पर चलना
शीशपाल चौहान/अमृत विचार/मुरादाबाद। अपनी मर्जी से जीवन साथी चुनना अर्चना को भारी पड़ा। प्रेम विवाह के बाद उसके भाइयों ने सरियों से इतना पीटा की वह तीन माह से बिस्तर से उठ तक नहीं पाई। अब संक्रमण इस कदर फैल गया है कि डॉक्टरों ने जीवन बचाने के लिए पैर काटे जाने जरूरी बता दिए …
शीशपाल चौहान/अमृत विचार/मुरादाबाद। अपनी मर्जी से जीवन साथी चुनना अर्चना को भारी पड़ा। प्रेम विवाह के बाद उसके भाइयों ने सरियों से इतना पीटा की वह तीन माह से बिस्तर से उठ तक नहीं पाई। अब संक्रमण इस कदर फैल गया है कि डॉक्टरों ने जीवन बचाने के लिए पैर काटे जाने जरूरी बता दिए हैं। अपने पैर गंवाने की बात सुनकर अर्चना सदमे में है। वह दूसरों पर निर्भर बनकर नहीं रहना चाहती, उसका कहना है कि वह अपने परिजनों को अपनी इस हालत के बाद जिंदगी भर माफ नहीं करेगी। पति सुनील भी अर्चना की जिंदगी बचाने के लिए हिमाचल में जाकर मजदूरी कर रहा है और अर्चना को बचाने के लिए पैसे जुटा रहा है।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र के गांव गनेश घाट निवासी खेमपाल सैनी की पुत्री अर्चना सैनी ने मोहल्ले में ही रहने वाले सुनील पुत्र ओमप्रकाश उर्फ लाला को जीवनसाथी बनाना चाहा तो परिजनों ने लोकलाज का भय दिखाकर उसे रोकना चाहा। अर्चना ने प्रेम को ही चुना और परिजनों की मर्जी के खिलाफ 24 अप्रैल 2021 को सुनील से प्रेम विवाह कर लिया। इसके बाद वह पति के साथ रुद्रपुर चली गई थी।
17 जुलाई को वह पति के साथ ससुराल आ गई थी। मायके वालों को अर्चना के लौटने का पता चला तो उनका खून खौल उठा। 19 जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे अर्चना अपने घर में अकेली थी। इस दौरान छत के रास्ते उसका भाई सोनू, तहेरा भाई प्रदीप, संजय और राजकुमार उसके घर में घुस आए। ये लोग अर्चना को घसीटते हुए अपने घर ले गए और लाठी-डंडों तथा सरियों से उसे बुरी तरह पीटा। हमलावर घायल अर्चना को उसकी ससुराल की दहलीज पर फेंक कर भाग गए थे। इस हमले में अर्चना को 15 प्राण घातक चोटें आईं थीं। अर्चना की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया था।
गंभीर रूप से घायल अर्चना का तभी से उपचार कराया जा रहा है। पति सुनील हिमाचल में मजदूरी करके अर्चना के उपचार के लिए जैसे तैसे पैसे जुटा रहा है। ससुर ओमप्रकाश और सास प्रभा भी रात दिन एक किए हुए हैं। अर्चना का पहले जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। इसके बाद निजी चिकित्सकों से इलाज कराया। इस दौरान अर्चना के पैरों में जबरदस्त संक्रमण फैल गया। सास-ससुर ने कई डाक्टरों को दिखाया मगर सभी ने उसका जीवन बचाने के लिए दोनों पैर काटने की सलाह दी। फिलहाल अर्चना को कटघर कोतवाली क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां भी डॉक्टर ने अर्चना का जीवन बचाने के लिए उसके पैर काटे जाने की आशंका जताई है। अर्चना का इलाज कर रहे डाक्टर प्रदीप लोहिया का कहना है कि पैर बचने के चांस पचास फीसदी से भी कम हैं।
सास-ससुर साथ हैं हरदम
ओमप्रकाश और प्रभा ने बताया कि वह आखिरी दम तक अपनी बहू का साथ देंगे। इसके लिए भले ही उन्हें अपना सब कुछ ही क्यों न बेचना पड़ जाए। पति सुनील भी हर हाल में अर्चना का साथ देने की बात करता है।
पैर काटने की आशंका जताई तो भिड़ गए ओमप्रकाश
अर्चना को उसके ससुर ओमप्रकाश ने प्रभात मार्केट पर स्थित डॉ. गौरव जिंदल के यहां भर्ती कराया था। जब डाक्टर जिंदल ने अर्चना के पैर काटने की बात कही तो ओमप्रकाश भड़क गए। उन्होंने कहा कि आप ठीक से देखिए मेरी बहू के पैर इतने खराब नहीं हुए हैं कि उन्हें काटा जाए। मगर इसके बाद भी डाक्टर ने पैर काटने की बात कही तो ओमप्रकाश अपनी बहू को उनके अस्पताल से ही ले गए।
अर्चना की हालत के लिए पुलिस जिम्मेदार
प्रेम विवाह के बाद घर लौटने से पहले सुनील और अर्चना ने मूढ़ापांडे पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। दोनों ने 24 जून को एसएसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए कहा था। 08 जुलाई को भी एसएसपी के सामने पेश होकर सुरक्षा मांगी। पुलिस ने दोनों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया और अर्चना के साथ ये वारदात हो गई।
युवती के दोनों पैरों की हालत बेहद खराब है। उसका दो महीने तक किसी अन्य चिकित्सक से इलाज कराया गया था। मेरे पास वह दो दिन पहले ही लाई गई है। उसके दोनों पैरों की हड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं। मांस पूरी तरह से गल चुका है। हम पैरों को कटने से बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन 50 प्रतिशत ही चांस है। -डॉ. प्रदीप लोहिया, अर्चना के चिकित्सक
शनिवार को हमने अपनी पुत्रवधू अर्चना को प्रभात मार्केट स्थित डॉ. गौरव जिंदल के यहां भर्ती कराया था। उन्होंने अर्चना की हालत देखकर उसके दोनों पैर काटने की बात कही थी। मैं किसी भी कीमत पर अपनी बहू के पैर बचाना चाहता हूं। इसलिए रविवार को उसे डॉ. प्रदीप लोहिया के यहां भर्ती कराया। डॉ. लोहिया ने भी पैर बचने की संभावना कम बताई है।-ओमप्रकाश, अर्चना के ससुर
