ऊंचाहार में गंगा नदी में डूबी नाव, एक की हालत गंभीर
रायबरेली। बुधवार की दोपहर क्षेत्र के पूरे तीर गंगा घाट के पास 14 लोगों को फतेहपुर जा रही नाव निर्माणाधीन पक्के पुल के चैनल से टकराकर नदी में पलट गई। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। हालांकि एक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऊंचाहार क्षेत्र के पूरे …
रायबरेली। बुधवार की दोपहर क्षेत्र के पूरे तीर गंगा घाट के पास 14 लोगों को फतेहपुर जा रही नाव निर्माणाधीन पक्के पुल के चैनल से टकराकर नदी में पलट गई। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। हालांकि एक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ऊंचाहार क्षेत्र के पूरे तीर गंगा घाट से दोपहर को एक छोटी नाव में 14 लोगों को लेकर फतेहपुर के नौबस्ता के लिए जा रही थी। बताते हैं कि इस समय गंगा घाट पर पक्के पुल का निर्माण चल रहा है। जिसका चैनल काफी लंबा बांधा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब नाव बीच धारा में पहुंची तो पक्के पुल के निर्माण के लिए लगाए गए चैनल में नाव उलझ गई। जिससे तेजी के साथ नाव पलट कर फिर से सीधी हो गई।
नाव पलटने से उसमें सवार नाविक समेत सभी लोग गंगा नदी में डूब गए। गनीमत यह रही कि पक्के पुल के लिए बनाए गए लोहे की छड़ों में सभी डूब रहे लोग रुक गए। बाद में जिन्हें नदी के किनारे खड़े मल्लाहों ने बाहर निकाल लिया। इसमें एक सवारी काफी दूर तक बह गया था। उसे भी करीब 100 मीटर दूरी पर निकाल लिया गया है। नाव में चार मोटर साइकिल भी लादी गई थी। वह सभी मोटर साइकिल गंगा नदी में बह गई हैं। जिनका कुछ पता नहीं चल पाया है। सूचना पाकर कोतवाल शिव शंकर सिंह भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने नदी से निकाले गए लोगों का प्राथमिक उपचार कराया। गंगा नदी में डूबने वालों में एक की हालत गंभीर है। उसको जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जबकि नाविक मौके से फरार हो गया है। कोतवाल ने बताया कि नाव में सवार सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
नाव पलटने के कारण गंगा नदी में डूबे सभी लोग डरे हुए हैं इस कारण वह कुछ देर तक बोल न सके। विनय शंकर पांडेय ने बताया कि जब नाव अनियंत्रित हुई तो पहले एक पल के लिए समझ में ही नहीं आया कि हुआ क्या है। उसके बाद हम सब पानी में थे। अपनी अपनी जान बचाने के लिए सहारा तलाश रहे थे और पानी मुंह व नाक के जरिए शरीर में जा रहा था। यही प्रतीत हो रहा था कि आने वाला पल मौत का होगा। साथ में परिवार के दो और लोग थे। अचानक एक लोहे की छड़ टकराई और उसे पकड़कर ऊपर आ गए।
